गुरु साहिबों के अपमान पर भड़के लोग, कपिल मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग

AAP नेता प्रतिपक्ष **आतिशी** की टिप्पणियों का **एडिटेड/फर्जी/छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो** सर्कुलेट करने का आरोप लगाया, जिसमें कथित तौर पर **श्री गुरु तेग बहादुर साहिब** के नाम का गलत इस्तेमाल करके उन्हें बदनाम करने और प्रदूषण जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की गई।

यह विवाद हफ्ते की शुरुआत में (लगभग 6-8 जनवरी, 2026) तब शुरू हुआ जब BJP ने आतिशी पर गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान “असंवेदनशील” या अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। BJP ने आतिशी से माफी मांगने और उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की। AAP ने पलटवार करते हुए कहा कि मिश्रा द्वारा शेयर किया गया वीडियो छेड़छाड़ किया हुआ था (गलत ट्रांसक्रिप्शन, आधिकारिक रिकॉर्ड से नहीं), और इसने राजनीतिक फायदे के लिए गुरु के नाम का गलत इस्तेमाल करके उनका अपमान किया।

स्पीकर ने वीडियो की **फोरेंसिक जांच** का आदेश दिया और मामले को विशेषाधिकार समिति को भेज दिया। विरोध प्रदर्शनों में नारेबाजी, घेराव की कोशिशें, AAP विधायकों का निलंबन और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शामिल थे। AAP ने क्लिप शेयर करने वाले अन्य BJP विधायकों के निलंबन की भी मांग की।

हालांकि, टेक्स्ट का यह दावा कि मिश्रा ने सीधे तौर पर “गुरु साहिबों का अपमान किया” यह AAP का आरोप है, न कि कोई साबित हुआ तथ्य—सूत्रों के अनुसार मिश्रा ने कथित तौर पर एक छेड़छाड़ किया हुआ क्लिप सर्कुलेट किया जिसमें आतिशी की आलोचना करने के लिए गुरु का नाम लिया गया था। कोई भी स्वतंत्र सत्यापन इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि वीडियो निश्चित रूप से “फर्जी” था, क्योंकि 9 जनवरी, 2026 तक फोरेंसिक जांच जारी थी। विरोध प्रदर्शन रिपोर्ट्स से मेल खाता है, लेकिन कहानी एकतरफा (AAP के पक्ष में) है। **फिर से लिखी गई निष्पक्ष सारांश (298 शब्द):**

दिल्ली विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र में, आम आदमी पार्टी (AAP) ने विधानसभा परिसर के पास एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें बिल्डिंग को घेरने की कोशिश भी शामिल थी। उनकी मांग थी कि BJP मंत्री कपिल मिश्रा तुरंत इस्तीफा दें, उन्हें बर्खास्त किया जाए और अयोग्य घोषित किया जाए। विधायकों जरनैल सिंह (तिलक नगर) और कुलदीप कुमार (कोंडली) के नेतृत्व में, AAP कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और मिश्रा के खिलाफ नारे लगाए।

यह विरोध प्रदर्शन इस आरोप पर केंद्रित था कि मिश्रा ने AAP नेता प्रतिपक्ष आतिशी के विधानसभा भाषण का एक एडिटेड या छेड़छाड़ किया हुआ वीडियो सर्कुलेट किया था, जिसके बारे में BJP ने दावा किया कि इसमें **श्री गुरु तेग बहादुर साहिब** का अपमान किया गया था, जब उनके शहादत दिवस पर चर्चा हो रही थी। AAP नेताओं ने जोर देकर कहा कि क्लिप में गलत ट्रांसक्रिप्शन था और आतिशी को बदनाम करने और प्रदूषण, ठंड से होने वाली मौतों और कानून-व्यवस्था जैसे ज़रूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए गुरु के नाम का गलत इस्तेमाल किया गया।

जरनैल सिंह ने BJP पर गुरुओं के नाम के पीछे “विभाजनकारी एजेंडा” छिपाने का आरोप लगाया और उनसे गुरु तेग बहादुर के धार्मिक कट्टरता का विरोध करने के इतिहास का अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने मिश्रा से माफी मांगने और उन्हें हटाने की मांग की, और उनके सांप्रदायिक तनाव भड़काने के कथित इतिहास का हवाला दिया। कुलदीप कुमार ने भी यही बात दोहराई और मिश्रा की सदस्यता रद्द करने और वीडियो शेयर करने वाले BJP विधायकों को निलंबित करने की मांग की।

आपसी विरोध प्रदर्शनों के बीच यह विवाद और बढ़ गया: BJP ने पहले आतिशी से उनके कथित “असंवेदनशील” बयानों के लिए माफी मांगने और उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। स्पीकर ने वीडियो की फोरेंसिक जांच का निर्देश दिया और इस मुद्दे को विशेषाधिकार समिति को भेज दिया।

इस राजनीतिक टकराव से कार्यवाही बाधित हुई, AAP ने निष्कासन के बावजूद इस मामले को उठाते रहने का संकल्प लिया। 9 जनवरी, 2026 तक, मांगें पूरी नहीं हुई हैं, जो दिल्ली विधानसभा में BJP-AAP के बीच बढ़े हुए तनाव को उजागर करता है।