पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु नदी पर बने किसी भी ढांचे पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी, जो सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के खिलाफ है। उनका यह बयान भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद दशकों पुरानी संधि को निलंबित करने के बाद आया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
शुक्रवार को जियो न्यूज से बात करते हुए आसिफ ने कहा, “निश्चित रूप से, अगर वे (भारत) किसी भी तरह की संरचना बनाने का प्रयास करते हैं, तो हम उस पर हमला करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इसे भारत की ओर से आक्रामकता का कार्य माना जाएगा। उन्होंने कहा, “आक्रामकता का मतलब सिर्फ तोप या गोलियां चलाना नहीं है; इसमें पानी को रोकना या मोड़ना भी शामिल है, जिससे भूख और प्यास के कारण मौतें हो सकती हैं।”
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान अब इस मुद्दे को उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है और कूटनीतिक माध्यमों से इसे आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने आगाह किया कि भारत के लिए आईडब्ल्यूटी का उल्लंघन करना आसान नहीं होगा और कहा कि अगर चुनौती दी गई तो पाकिस्तान मजबूती से जवाब देगा।
यह पहली बार नहीं है जब मंत्री ने ऐसा बयान दिया है। आसिफ ने पहले भी भारत पर आतंकी हमले का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया था और चेतावनी दी थी कि दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच स्थिति पूर्ण पैमाने पर युद्ध में बदल सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित होना चाहिए।
बुधवार को भारत ने बढ़ती दुश्मनी की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक्स (ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था। आसिफ ने पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान किसी भी स्थिति के लिए तैयार है और भारत जो भी कदम उठाएगा, उसके अनुसार अपनी प्रतिक्रिया देगा।
पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने और राजनयिक संबंधों को कम करने जैसे कई जवाबी कदम उठाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच प्रतिद्वंद्विता गंभीर रूप से बढ़ गई है।
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