आजकल बढ़ती उम्र, गलत बैठने की आदतों, मोटापे या पोषक तत्वों की कमी के कारण अधिकांश लोग घुटनों में दर्द और जकड़न जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं। अगर घुटने मोड़ते समय दर्द, खिंचाव, चटकने की आवाज़ या stiffness महसूस हो रही है, तो इसे मामूली दर्द समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं। यह ऑस्टियोआर्थराइटिस, कैल्शियम डेफिसिएंसी, या जॉइंट कार्टिलेज डैमेज जैसी गंभीर और लंबी चलने वाली बीमारी का संकेत हो सकता है।
घुटने में दर्द और जकड़न क्यों होती है? संभावित कारण
- उम्र बढ़ने के साथ कार्टिलेज का घिसना
- विटामिन D और कैल्शियम की कमी
- ओवरवेट या मोटापा, जिससे घुटनों पर लोड बढ़ता है
- अच्छे से स्ट्रेचिंग या वार्म-अप न करना
- पुरानी चोट, लिगामेंट या मेनिस्कस डैमेज
- रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी इम्यून बीमारी
चेतावनी संकेत जिन्हें अनदेखा न करें
- घुटने मोड़ने में कठिनाई या लॉक हो जाना
- सुबह उठते ही घुटनों में ज्यादा stiffness
- चलने, बैठने या सीढ़ियाँ चढ़ने में दर्द
- सूजन, गर्माहट या चटकने की आवाज़
- लंबे समय तक बैठे रहने के बाद घुटनों में जामपन
इन लक्षणों का लगातार बने रहना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, इसलिए समय रहते उपचार जरूरी है।
संभावित बीमारी – ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)
यह जोड़ों की सबसे आम और उम्रभर चलने वाली बीमारी मानी जाती है जिसमें हड्डियों के बीच मौजूद कार्टिलेज घिसने लगता है। समय पर ध्यान न देने पर यह स्थायी क्षति और सर्जरी तक की नौबत ला सकती है।
कैसे मिल सकता है आराम? घर पर अपनाएँ ये उपाय
- विटामिन D, कैल्शियम और ओमेगा-3 युक्त डाइट लें
- वजन को नियंत्रित रखें
- जोड़ों पर लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज करें — वॉकिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग
- हल्का गर्म सेक या कपिंग थेरेपी
- बैठते समय पैरों के नीचे स्टूल का उपयोग
- लंबे समय तक स्क्वाटिंग और फर्श पर बैठने से बचें
डाइट में शामिल करें
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट
- बादाम, अखरोट, अलसी के बीज
- अंडा, दही, मशरूम
- हरी सब्जियाँ: पालक, मेथी, ब्रोकली
- फैटी फिश
- हल्दी और अदरक
अगर घुटने का दर्द लगातार 2-3 हफ्तों से ज्यादा बना रहे, swelling बढ़ जाए या चलना कठिन हो जाए, तो ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच ज़रूर करवाएं।
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