प्याज भारतीय रसोई का एक अनिवार्य हिस्सा है। स्वाद बढ़ाने से लेकर भोजन की सुगंध तक, इसकी उपयोगिता लंबे समय से जानी जाती है। लेकिन हाल के वर्षों में वैज्ञानिक शोधों और पोषण विशेषज्ञों के विश्लेषण ने यह स्पष्ट किया है कि प्याज केवल स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक भी है। विशेषज्ञों के अनुसार प्याज प्राकृतिक प्रीबायोटिक्स का बेहतरीन स्रोत है, जो पाचन एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है।
पेट और आंत—प्याज के सबसे बड़े लाभार्थी
पोषण विज्ञान की मानें तो प्याज में मौजूद इनुलिन और फ्रुक्टोओलिगोसैकेराइड्स (FOS) ऐसे तत्व हैं जो शरीर में “प्रीबायोटिक” की तरह काम करते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे आंतों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने पर पाचन सुधरता है, कब्ज की समस्या कम होती है और शरीर पोषक तत्वों को अधिक प्रभावी ढंग से अवशोषित कर पाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों की पाचन प्रणाली कमजोर है या जिन्हें बार-बार गैस, पेट फूलना या अपच की समस्या होती है, उनके लिए प्याज लाभदायक माना जाता है। हालांकि, कुछ लोगों में कच्चा प्याज एसिडिटी बढ़ा सकता है, इसलिए सेवन का तरीका व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर करता है।
हृदय—प्याज का दूसरा प्रमुख संरक्षक
हृदय स्वास्थ्य पर प्याज के सकारात्मक प्रभाव को लेकर कई अध्ययन सामने आ चुके हैं। प्याज में क्वेरसेटिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जिसे हृदय के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर में सूजन कम करने, रक्तचाप नियंत्रित रखने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायता कर सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि नियमित और संतुलित मात्रा में प्याज का सेवन हृदय को मजबूत रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, प्याज में मौजूद सल्फर यौगिक रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं, जिससे हृदय संबंधी जोखिम कम हो सकता है।
किन बीमारियों से बचाव में मदद?
प्राकृतिक प्रीबायोटिक होने और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण प्याज को कई बीमारियों से बचाव की दिशा में उपयोगी माना जाता है।
पाचन संबंधी परेशानियाँ: पेट फूलना, कब्ज और अपच जैसे लक्षणों में आराम मिल सकता है।
सूजन संबंधी रोग: शरीर में सूजन कम करने में इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मददगार होते हैं।
हृदय रोगों का जोखिम: रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में सहायता कर सकता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली: प्याज में मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि प्याज का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में किया जाए। जिन लोगों को गैस्ट्रिक समस्याएँ होती हैं, वे इसे पका हुआ रूप में अधिक आसानी से पचा सकते हैं।
कैसे करें सेवन?
सलाद में कच्चा प्याज: फाइबर और प्रीबायोटिक लाभ सबसे ज्यादा इसी रूप में मिलते हैं।
सब्ज़ियों और दालों में: पकाने पर भी व्यंजनों का स्वाद बढ़ता है और कई पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
सूप में: प्याज आधारित सूप शरीर में गर्मी और ऊर्जा दोनों बढ़ाते हैं।
अचार: भारतीय घरों में प्याज का अचार पाचन को बेहतर रखने वाला लोकप्रिय विकल्प है।
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