एक व्यक्ति का ससुराल हरियाणा में था।
वह एक बार सर्दियों के दिनों में अपने ससुराल जाता है।
उसकी पत्नी का नाम था दामो,
और उसकी साली का नाम था बदामो…
तो उस गांव में एक अलग ही रिवाज़ था…
दामाद अपनी पत्नी से मिलना तो दूर,
आमने-सामने देख भी नहीं सकता था।
तो दामाद ने इशारे में दो पंक्तियां कही…
“उड़ता पंछी बोल रहया सै
अबकी पाला खूब पड़ेगा
दो-दो जणे मिल के सोइयो,
नहीं तै एक जरूर मरेगा”
यह बात उसकी सास समझ गई कि दामाद
क्या इशारा कर रहा है, तो उसने भी जवाब दिया…
“दामो संग बादामो सोवेगी,
और तेरे संग तेरा साला
मैं बूढे संग पड़ी रहूगीं,
के कर लेगा पाला “??😆🤣🤣🤣🤣😝😝😝
************************************************************************************
संता और बंता शराब के नशे में धुत्त होकर रेल की पटरियों के बीचों-बीच जा रहे थेXhellip;
संता : हे भगवान, मैंने इतनी सीढ़ियां पहले कभी नहीं चढ़ीं।
बंता : अरे सीढ़ियां तो ठीक हैं, मैं तो इस बात को लेकर हैरान हूं कि हाथ से पकड़ने के लिए रेलिंग कितनी नीचे लगी हुई हैं Xhellip;😆🤣🤣🤣🤣😝😝😝
************************************************************************************
संता ने एक हलवाई की दुकान पर आधा किलो जलेबी लेकर खाई और बिना पैसे दिए जाने लगा..
दुकानदार बोला : अरे जलेबी के पैसे तो दिए जा…
संता : पैसे तो है नहीं…
इस पर दुकानदार ने अपने नौकर को बुला कर संता की भरपूर पिटाई करवा दी।
पिटने के बाद संता उठा और हाथ पैर झाड़ते हुए बोला, इसी भाव पर एक किलो और तौल दे…😆🤣🤣🤣🤣😝😝😝
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check