बिहार की राजनीति में भाई-बहन के बीच छिड़ी जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वरिष्ठ नेता और सारण से सांसद रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा प्रहार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप में रोहिणी ने तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा, “जिनका एक बोतल खून देखकर खून सूख जाता है, वही आज हमें नैतिकता और संघर्ष का उपदेश दे रहे हैं।” यह बयान राजद के भीतरी कलह को एक बार फिर सार्वजनिक कर रहा है, जिसने पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर विपक्षी दलों तक सबको चौंका दिया है।
दरअसल, रोहिणी का यह बयान उस पुराने विवाद से जुड़ा है जब 2023 में लालू प्रसाद यादव को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। उस दौरान रोहिणी ने अपनी किडनी दान की थी और सोशल मीडिया पर खून से सनी बोतल की तस्वीर पोस्ट कर भावुक संदेश लिखा था। उस समय तेजस्वी ने कथित तौर पर उस पोस्ट को हटाने को कहा था, जिसे रोहिणी ने “खून देखकर घबराने” के रूप में याद किया। अब एक जनसभा में रोहिणी ने यही बात दोहराते हुए तेजस्वी पर तंज कसा, “मैंने पिता के लिए अपनी किडनी दी, खून बहाया। लेकिन जिसे एक बोतल खून देखकर डर लगता है, वही आज बिहार की जनता को लड़ना सिखा रहा है।”
रोहिणी ने आगे कहा, “राजद लालू जी का संघर्ष है, खून-पसीने से बनाया गया। हमने कभी कुर्सी के लिए परिवार नहीं तोड़ा, लेकिन आज कुछ लोग कुर्सी के लिए परिवार को भी दांव पर लगा रहे हैं।” सूत्रों के मुताबिक रोहिणी का इशारा 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद तेजस्वी द्वारा पार्टी में अपने करीबियों को महत्वपूर्ण पद देने और बड़ी बहन मीसा भारती व रोहिणी को किनारे करने की ओर था। रोहिणी सारण से सांसद हैं, जबकि मीसा पाटलिपुत्र से लगातार दूसरी बार जीतीं, लेकिन दोनों को पार्टी के बड़े फैसलों से दूर रखा जा रहा है।
तेजस्वी खेमे ने अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन उनके करीबी विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “रोहिणी दीदी भावुक हैं, लेकिन पार्टी एकजुट है। लालू जी ने तेजस्वी को कमान सौंपी है। यह पारिवारिक मामला है, इसे बाहर नहीं लाना चाहिए।” वहीं, राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने चिंता जताते हुए कहा, “परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक बयानबाजी पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है। लालू जी को बीच में आकर सुलह करानी होगी।”
विपक्षी दलों ने इसे मौके की तलाश बना लिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “राजद का परिवारवाद अब परिवार को ही खा रहा है। एक तरफ लालू जी की बेटी भाई को खून से डरने वाला बता रही है, दूसरी तरफ भाई बहनों को नजरअंदाज कर रहा है। यह बिहार की जनता के साथ धोखा है।” जद(यू) प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसा, “राजद में अब खून की बोतलें नहीं, खून की होड़ चल रही है।”
सियासी गलियारों में चर्चा है कि लालू प्रसाद यादव जल्द ही दिल्ली से पटना लौट सकते हैं ताकि परिवार और पार्टी में सुलह करा सकें। सूत्र बता रहे हैं कि लालू ने दोनों भाई-बहन को फोन कर चुप रहने को कहा है, लेकिन रोहिणी का गुस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ है। पिछले हफ्ते ही उन्होंने एक सभा में कहा था, “जो लोग कुर्सी के लिए मां-बाप को भी भूल जाते हैं, उन्हें बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी।”
बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले राजद के इस भीतरी कलह ने न सिर्फ पार्टी की एकता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन को मजबूती देने का मौका भी दे दिया है। क्या लालू परिवार एक बार फिर एकजुट हो पाएगा या रोहिणी-तेजस्वी की यह जंग पार्टी को दो फाड़ कर देगी? आने वाले दिन ही बताएंगे। फिलहाल, “एक बोतल खून” वाला बयान बिहार की सियासत का सबसे गर्म टॉपिक बना हुआ है।
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