ईमेल आज भी डिजिटल संवाद का एक अहम माध्यम बना हुआ है। बैंक अलर्ट, ऑफिस मेल और जरूरी सूचनाओं के बीच अक्सर प्रमोशनल और अनचाहे ईमेल इनबॉक्स को भर देते हैं। नतीजतन, जरूरी मेल ढूंढना मुश्किल हो जाता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए Gmail ने ‘Manage Subscription’ नाम का नया फीचर पेश किया है, जो यूजर्स को अनचाहे ईमेल से चुटकियों में छुटकारा दिलाने का दावा करता है।
तकनीकी जानकारों के मुताबिक, यह फीचर खासतौर पर उन ईमेल्स के लिए बनाया गया है, जो किसी न किसी सब्सक्रिप्शन के तहत यूजर्स के इनबॉक्स में आते हैं। जैसे शॉपिंग वेबसाइट्स के ऑफर मेल, न्यूजलेटर्स, ऐप अपडेट्स या प्रमोशनल मैसेज। अक्सर यूजर्स एक बार किसी वेबसाइट पर साइन अप करते हैं और बाद में इन ईमेल्स से छुटकारा पाने का रास्ता ढूंढते रहते हैं।
‘Manage Subscription’ फीचर Gmail यूजर्स को उनके सभी सक्रिय सब्सक्रिप्शन की एक सूची दिखाता है। इस सूची में यह साफ नजर आता है कि कौन-सा ईमेल किस कंपनी या प्लेटफॉर्म से आ रहा है और वह कितनी बार भेजा जा रहा है। इससे यूजर्स को यह तय करने में आसानी होती है कि कौन-से सब्सक्रिप्शन जरूरी हैं और किन्हें बंद किया जाना चाहिए।
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब हर ईमेल खोलकर नीचे दिए गए ‘Unsubscribe’ लिंक को ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यूजर सीधे ‘Manage Subscription’ सेक्शन में जाकर एक क्लिक में किसी भी अनचाहे सब्सक्रिप्शन को बंद कर सकता है। इससे समय की बचत होती है और इनबॉक्स भी व्यवस्थित रहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर उन यूजर्स के लिए खासतौर पर उपयोगी है, जो प्रोफेशनल ईमेल का इस्तेमाल करते हैं। साफ-सुथरा इनबॉक्स न केवल काम की रफ्तार बढ़ाता है, बल्कि जरूरी मेल छूटने की आशंका भी कम करता है। साथ ही, यह फीचर स्पैम फिल्टर से अलग तरीके से काम करता है, क्योंकि इसमें यूजर खुद कंट्रोल में रहता है।
हालांकि, तकनीकी जानकार यह भी बताते हैं कि सब्सक्रिप्शन बंद करने के बाद भी कुछ कंपनियों के ईमेल पूरी तरह से बंद होने में थोड़ा समय लग सकता है। इसके अलावा, यह फीचर केवल सब्सक्रिप्शन ईमेल्स को मैनेज करता है, स्पैम या फर्जी मेल्स के लिए Gmail का स्पैम फिल्टर पहले की तरह काम करता रहेगा।
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