डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने आम नागरिकों को मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए एक नई और आसान पहल शुरू की है। अब लोगों को कानूनी सलाह के लिए न तो वकीलों के चक्कर लगाने होंगे और न ही लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। सरकार की इस खास सेवा के तहत WhatsApp पर सिर्फ “Hi” लिखते ही मुफ्त कानूनी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार साबित होगी, जो कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों का सही उपयोग नहीं कर पाते। ग्रामीण इलाकों, छोटे शहरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए इस सेवा को बेहद सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह WhatsApp आधारित सेवा लीगल अवेयरनेस और एक्सेस टू जस्टिस को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों को श्रम कानून, घरेलू हिंसा, उपभोक्ता अधिकार, महिला एवं बाल अधिकार, भूमि विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी कानूनी जानकारी दी जा रही है।
सेवा का उपयोग करने के लिए यूज़र को तय किए गए सरकारी WhatsApp नंबर पर “Hi” भेजना होगा। इसके बाद ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए विकल्पों की एक सूची सामने आएगी, जहां से यूज़र अपनी समस्या से जुड़ा विषय चुन सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित कानूनी संसाधनों और हेल्पलाइनों की जानकारी भी दी जाती है।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से अदालतों पर बोझ कम होगा और विवादों का समाधान शुरुआती स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इसके अलावा, लोगों में कानून को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी, जिससे वे ठगी, शोषण और अन्याय के खिलाफ समय रहते कदम उठा सकेंगे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि WhatsApp जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म के जरिए यह सेवा शुरू करना एक व्यावहारिक और प्रभावी कदम है। आज लगभग हर स्मार्टफोन यूज़र WhatsApp का इस्तेमाल करता है, ऐसे में कानूनी जानकारी तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सेवा कानूनी सलाह का प्रारंभिक मार्गदर्शन प्रदान करती है और जटिल मामलों में पेशेवर वकील से संपर्क करना जरूरी रहेगा। फिर भी, आम नागरिकों के लिए यह सेवा एक भरोसेमंद पहला कदम साबित हो सकती है।
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