आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। वायरस, मालवेयर, स्पाइवेयर और फिशिंग हमलों के बढ़ते मामलों ने उपयोगकर्ताओं की चिंता को कई गुना बढ़ाया है। ऐसे माहौल में एक विश्वसनीय एंटीवायरस का होना न केवल आवश्यक, बल्कि अनिवार्य माना जाता है। हालांकि अधिकांश लोग यह मानकर चलते हैं कि सुरक्षा के लिए पेड एंटीवायरस ही एकमात्र विकल्प है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि विंडोज लैपटॉप में पहले से ही एक मजबूत और उन्नत सुरक्षा सिस्टम मौजूद रहता है, जिसे ज्यादातर उपयोगकर्ता जानते ही नहीं।
विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में ‘Microsoft Defender’ नाम का एक बिल्ट-इन सुरक्षा टूल शामिल होता है, जो वायरस, रैनसमवेयर और खतरनाक ऑनलाइन गतिविधियों से रक्षा करता है। यह न केवल बैकग्राउंड में सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि नियमित रूप से अपडेट भी होता है, जिससे यह हर प्रकार के नए खतरे से मुकाबला करने में सक्षम बना रहता है। कई बार बाहरी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने से सिस्टम की स्पीड धीमी हो जाती है, जबकि Microsoft Defender हल्का और स्थिर रहता है, यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए पर्याप्त मानते हैं।
अक्सर उपयोगकर्ता यह सोचकर इसकी ओर ध्यान नहीं देते कि अगर यह मुफ़्त है, तो शायद इसकी क्षमता सीमित होगी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में माइक्रोसॉफ्ट ने इसमें कई महत्वपूर्ण फीचर्स जोड़े हैं, जैसे रीयल-टाइम स्कैनिंग, क्लाउड-आधारित थ्रेट डिटेक्शन, फायरवॉल कंट्रोल और पेरेंटल सेफ्टी टूल्स। यह सभी फीचर्स इसे एक पूर्ण सुरक्षा समाधान बनाते हैं, जिसके लिए किसी अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता नहीं होती।
अब सवाल है कि यह सुरक्षा टूल कैसे एक्टिवेट किया जाए। माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर को सक्रिय करना बेहद आसान है और इसके लिए किसी तकनीकी ज्ञान की भी जरूरत नहीं होती। उपयोगकर्ता बस स्टार्ट मेन्यू में जाकर Windows Security सर्च करें। इसके बाद खुले इंटरफेस में ‘Virus & Threat Protection’ विकल्प पर क्लिक करें। यदि किसी कारण यह फीचर बंद हो, तो ‘Manage Settings’ में जाकर ‘Real-Time Protection’ और ‘Cloud-Delivered Protection’ को ऑन कर दें। इसके साथ ही सिस्टम स्वचालित रूप से हर फ़ाइल, डाउनलोड और वेबसाइट को स्कैन करना शुरू कर देता है।
इसके अलावा, समय-समय पर मैनुअल स्कैन भी सुझाया जाता है ताकि सिस्टम में छिपे किसी पुराने खतरे को भी हटाया जा सके। उपयोगकर्ता Quick Scan, Full Scan और Custom Scan जैसे विकल्पों में से अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी एक का चयन कर सकते हैं। यदि किसी डिवाइस में पहले से कोई बाहरी एंटीवायरस इंस्टॉल है, तो डिफेंडर स्वचालित रूप से बैकग्राउंड में चला जाता है ताकि दोनों सॉफ्टवेयर के बीच टकराव न हो।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपयोगकर्ताओं और छात्रों के लिए Microsoft Defender पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। यदि व्यक्ति हाई-लेवल बिजनेस डेटा या संवेदनशील जानकारी हैंडल नहीं करता, तो महंगे एंटीवायरस की आवश्यकता अक्सर नहीं होती। ऐसे में फ्री बिल्ट-इन टूल का उपयोग करना न केवल आर्थिक दृष्टि से सही है, बल्कि सिस्टम को हल्का और सुरक्षित भी बनाए रखता है।
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