अब सिर्फ करेला नहीं, इसकी पत्तियां भी रखेंगी शुगर पर कंट्रोल

डायबिटीज यानी मधुमेह आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ने वाले रोगों में से एक बन चुका है। बदलती जीवनशैली, अनुचित खान-पान और तनाव इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए दवाइयों के साथ-साथ आयुर्वेदिक और घरेलू उपायों की ओर लोगों का रुझान भी बढ़ा है। ऐसे में करेले का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ करेले का फल ही नहीं, उसकी पत्तियां भी शुगर लेवल को नियंत्रित करने में उतनी ही प्रभावी हैं?

करेले की पत्तियों के औषधीय गुण

आयुर्वेदाचार्यों और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, करेले की पत्तियों में भी भरपूर मात्रा में पॉलीफेनॉल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इन पत्तियों का उपयोग वर्षों से पारंपरिक औषधियों में किया जाता रहा है, लेकिन अब वैज्ञानिक शोधों के माध्यम से भी इनके फायदे सामने आने लगे हैं।

कैसे करें सेवन?

करेले की पत्तियों को इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं:

काढ़ा बनाकर: 4-5 पत्तियों को पानी में उबालकर रोज सुबह खाली पेट पिएं।

जूस के रूप में: करेले की पत्तियों को पीसकर उसका रस निकालें और थोड़ा पानी मिलाकर सेवन करें।

सूखे पत्तों का चूर्ण: धूप में सुखाकर पत्तियों को पीसकर पाउडर बना लें। रोज एक चम्मच गर्म पानी के साथ लें।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

वरिष्ठ पोषण विशेषज्ञ डॉ. कहती हैं, “करेले की पत्तियां भी उतनी ही गुणकारी होती हैं जितना इसका फल। इसमें पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड्स ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी भी प्राकृतिक उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।”

सावधानी भी जरूरी

हालांकि करेले और उसकी पत्तियों का सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में सेवन से शरीर में ब्लड शुगर लेवल अत्यधिक कम हो सकता है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी, और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अत: सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही इन उपायों को अपनाएं।

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