‘संचार साथी’ नाम का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म अब मोबाइल चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में बड़ा सहारा बनता जा रहा है। शुक्रवार को दूरसंचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने जानकारी दी कि इस पोर्टल की मदद से 20.28 लाख से ज्यादा खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाया गया है, और सरकार ने 33.5 लाख से अधिक मोबाइल फोन को ब्लॉक किया है।
📲 धोखाधड़ी पर भी लगाम
मंत्री ने बताया कि संचार साथी प्लेटफॉर्म सिर्फ खोए हुए मोबाइल ही नहीं ढूंढता, बल्कि फर्जी मोबाइल कनेक्शन, स्पैम कॉल और फ्रॉड मैसेज की रिपोर्टिंग में भी लोगों की मदद करता है। सरकार का लक्ष्य है एक सुरक्षित और नागरिक-केन्द्रित डिजिटल इकोसिस्टम बनाना, जिसमें टेक्नोलॉजी आम लोगों की सुरक्षा का औजार बने।
📦 अब तक 4.64 लाख फोन मालिकों तक वापस पहुंचे
सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट किए गए मामलों में से औसतन 22.9% फोन रिकवर हुए हैं। इनमें से 4.64 लाख फोन उनके असली मालिकों तक पहुंचा दिए गए हैं। यह अपने-आप में एक बड़ी उपलब्धि है और लोगों के लिए राहत की खबर भी।
🛠️ संचार साथी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कैसे करें?
वेबसाइट पर जाएं: https://sancharsaathi.gov.in या ऐप डाउनलोड करें।
Citizen Centric Services सेक्शन में जाएं।
यहां आपको ये सेवाएं मिलेंगी:
संदिग्ध कॉल या धोखाधड़ी की रिपोर्ट करना
खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक और ट्रैक करना
अपने नाम पर एक्टिव मोबाइल कनेक्शन की जानकारी लेना
फोन असली है या नकली – यह जांचना
इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना
👁️ चक्षु पोर्टल: फ्रॉड कॉल्स और SMS पर नज़र
इसके अलावा, सरकार ने चक्षु पोर्टल भी शुरू किया है जो आपको मोबाइल पर आने वाले फेक कॉल्स, मैसेज और ईमेल की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है। अगर आपको किसी भारतीय नंबर की आड़ में इंटरनेशनल कॉल आती है, तो आप इसे भी सीधे रिपोर्ट कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें:
ठंडी गोभी गर्म मुसीबत! जानिए कोल्ड स्टोरेज वाली फूलगोभी खाने के नुकसान
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check