सिर्फ संतरा ही नहीं! जानें कौन सा फल है असली विटामिन-सी चैंपियन

वर्तमान समय में जब बदलते मौसम, वायु प्रदूषण और वायरस संक्रमण आम हो चले हैं, तब शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत बनाए रखना बेहद ज़रूरी हो गया है। ऐसे में विटामिन-सी (Vitamin C) की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह न केवल इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है, बल्कि त्वचा, बाल और दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है।

हालांकि, अक्सर लोग यह सोचते हैं कि केवल संतरा या नींबू ही विटामिन-सी के स्रोत हैं, जबकि कई ऐसे फल हैं जो संतरे से भी ज्यादा विटामिन-सी प्रदान करते हैं।

विटामिन-सी क्यों है ज़रूरी?

इम्यूनिटी बूस्ट करता है

घाव जल्दी भरने में सहायक

एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर

त्वचा में कोलेजन बनाने में मदद करता है

आयरन के अवशोषण में सहायक

कौन सा फल सबसे असरदार है विटामिन-सी के लिए?
आंवला (Indian Gooseberry) – सबसे ताकतवर स्रोत

आंवला को विटामिन-सी का राजा कहा जाता है। एक आंवले में संतरे की तुलना में 8 से 10 गुना ज्यादा विटामिन-सी पाया जाता है।
फायदे:

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है

बालों और त्वचा को प्राकृतिक चमक देता है

पाचन सुधारता है

कैसे खाएं:

सुबह खाली पेट आंवला जूस

सूखा हुआ आंवला चूर्ण

मुरब्बा या आंवला कैंडी

गुआवा (अमरूद)

100 ग्राम गुआवा में लगभग 228 मिलीग्राम विटामिन-सी पाया जाता है, जो एक दिन की ज़रूरत से कहीं अधिक है।

फायदे:

रक्त में शुगर लेवल नियंत्रित करता है

डाइजेशन बेहतर बनाता है

वजन घटाने में सहायक

स्ट्रॉबेरी

खट्टे-मीठे स्वाद वाली यह बेरी न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि विटामिन-सी से भरपूर भी है।
100 ग्राम स्ट्रॉबेरी में लगभग 59 मिलीग्राम विटामिन-सी पाया जाता है।

कीवी (Kiwi)

एक छोटा कीवी फल लगभग 70-80 मिलीग्राम विटामिन-सी प्रदान करता है।
फायदे:

ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है

त्वचा की हेल्थ बेहतर करता है

सर्दी-जुकाम से बचाता है

संतरा और नींबू

भले ही यह सबसे चर्चित विकल्प हों, लेकिन इनके अलावा भी विकल्प मौजूद हैं।

संतरे में लगभग 53 मिलीग्राम / 100 ग्राम विटामिन-सी

नींबू में करीब 30 मिलीग्राम / 100 ग्राम

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

डॉ. के अनुसार:

“विटामिन-सी की जरूरत को पूरा करने के लिए केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना सही नहीं। रोज़ाना आंवला, गुआवा, कीवी या स्ट्रॉबेरी जैसे फलों को डाइट में शामिल करने से ना सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि त्वचा भी स्वस्थ और चमकदार बनेगी।”

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