सिर्फ सांसों की बदबू नहीं, दांतों की लापरवाही से हो सकता है जानलेवा कैंसर

दांतों की सफाई और देखभाल को अक्सर लोग केवल सौंदर्य या सांसों की ताजगी तक सीमित मानते हैं, लेकिन हाल ही में आई एक अंतरराष्ट्रीय मेडिकल रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि मुँह की खराब सेहत, खासतौर पर मसूड़ों की बीमारी और लंबे समय तक की गई लापरवाही, व्यक्ति को सिर और गर्दन के कैंसर (Head & Neck Cancer) का शिकार बना सकती है।

रिसर्च में क्या सामने आया?

अमेरिका के एक प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन में यह पाया गया कि जिन लोगों को मसूड़ों की बीमारी (Periodontitis) होती है, उनमें सिर और गर्दन में कैंसर विकसित होने की संभावना सामान्य व्यक्ति की तुलना में लगभग 3 गुना अधिक होती है। इस शोध के अनुसार, मुंह में लंबे समय तक रहने वाला बैक्टीरिया, शरीर में सूजन (Inflammation) और सेल म्यूटेशन को जन्म देता है, जो आगे चलकर कैंसर में बदल सकता है।

किन बीमारियों से बढ़ता है खतरा?

पायरिया और मसूड़ों की सूजन

दांतों में सड़न या कैविटी

मुंह की लगातार बदबू (Halitosis)

लंबे समय तक छाले या घाव

दांतों के बीच पस या खून आना

इनमें से कोई भी समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहती है, तो वह मुंह के टिशू को नुकसान पहुंचाकर धीरे-धीरे कैंसर के रूप ले सकती है।

सिर और गर्दन के कैंसर में कौन-कौन से क्षेत्र आते हैं?

इस श्रेणी में वे कैंसर आते हैं जो—

मुंह (Oral cavity)

गले (Throat)

नाक के पास (Nasal cavity)

गले की आवाज की नली (Larynx)

जीभ और तालू
को प्रभावित करते हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

“दांतों की साफ-सफाई सिर्फ हंसी सुंदर बनाने के लिए नहीं है, यह मुंह के भीतर कैंसर जैसे गंभीर रोगों से भी सुरक्षा देती है। यदि मसूड़ों से खून आता है या बार-बार मुंह में घाव होते हैं तो तुरंत डेंटल जांच करानी चाहिए।”

किसे अधिक खतरा?

तंबाकू, गुटखा और पान का सेवन करने वाले

शराब पीने की आदत रखने वाले

मधुमेह (डायबिटीज) के रोगी

कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग

जो सालों से डेंटल चेकअप नहीं कराते

कैसे रखें दांतों को स्वस्थ?

दिन में दो बार ब्रश करें (सुबह और रात)
हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जांच कराएं
दांतों की सफाई के लिए फ्लॉस और माउथवॉश का इस्तेमाल करें
तंबाकू व शराब से दूरी बनाएं
मुंह में कोई घाव या छाला 2 हफ्ते से ज्यादा रहे तो तुरंत जांच कराएं

यह भी पढ़ें:

खून की कमी हो या कब्ज – हर दर्द का हल है भीगी किशमिश