केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए एक बड़ी योजना का ऐलान किया है, जिसमें दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को सूचना देने पर पीड़ितों को कैशलेस ट्रीटमेंट मिलेगा। इस योजना में सात दिनों तक या अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का चिकित्सा खर्च कवर किया जाएगा। गडकरी ने कहा कि हिट एंड रन मामलों में मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। असम, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में इस योजना का परीक्षण किया गया है। सरकार अगले संसद सत्र में मोटर वाहन संशोधन कानून पेश करने की योजना बना रही है, जिससे यह योजना मार्च 2025 से पूरे देश में लागू की जाएगी।
गडकरी ने यह भी बताया कि 2024 में सड़क हादसों में 1 लाख 80 हजार लोग मारे गए, जिसमें से 32 हजार लोगों की मौत हेलमेट न पहनने के कारण हुई। इसके अलावा, 18 से 34 साल की उम्र के 60 प्रतिशत लोग हादसों का शिकार हुए हैं। गडकरी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के पास 10 हजार मौतें हुईं, क्योंकि यहां सही एग्जिट-एंट्री व्यवस्था नहीं है।
हादसों को रोकने के लिए सरकार उठाएगी ये कदम:
गडकरी ने यह भी बताया कि सरकार सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाने पर विचार कर रही है, जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण, इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम और ड्राइवर को नींद आने पर ऑडियो अलर्ट प्रणाली। इसके अलावा, वाहन चालकों के कार्य घंटे बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। गडकरी ने यह भी बताया कि ई-रिक्शा के लिए सुरक्षा रेटिंग की शुरुआत की जाएगी।
यह भी पढ़े :-
कम उम्र में भी हो सकता है हाई ब्लड प्रेशर, जानिए इसके कारण और समाधान
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check