भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी संस्था USAID और मशहूर अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस भारत को विभाजित करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की गहराई से जांच कराई जाए और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे जेल भेजा जाए।
🚩 अग्निवीर योजना से लेकर नक्सलवाद तक कांग्रेस पर निशाना
शून्यकाल के दौरान निशिकांत दुबे ने दावा किया कि कांग्रेस ने USAID के फंड और जॉर्ज सोरोस के साथ मिलकर:
अग्निवीर योजना के खिलाफ विरोध खड़ा किया।
जाति जनगणना के जरिए देश को बांटने की कोशिश की।
नक्सलवाद को समर्थन देने में भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मकसद देश को टुकड़े-टुकड़े करना है।
💰 राजीव गांधी फाउंडेशन की जांच की मांग
दुबे ने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन ने जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से 5,000 करोड़ रुपये का फंड लिया। उन्होंने कहा:
“सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए कि क्या यह पैसा भारत को कमजोर करने के लिए दिया गया था?”
इस पर कांग्रेस सांसदों ने कड़ा विरोध जताते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की।
🇺🇸 ट्रंप ने किया था USAID को बंद?
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने USAID को बंद कर दिया था क्योंकि यह संस्था दुनियाभर में सरकारों को गिराने के लिए पैसे का इस्तेमाल कर रही थी।
उन्होंने पूछा:
“क्या USAID ने भारत को बांटने के लिए जॉर्ज सोरोस के जरिए पैसा भेजा? क्या राजीव गांधी फाउंडेशन को भी फंडिंग दी गई?”
❗ तालिबान कनेक्शन का आरोप भी लगाया
दुबे ने USAID पर तालिबान और नक्सलवाद को भी फंडिंग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा:
“क्या USAID ने तालिबान को फंडिंग दी थी? क्या इस पैसे का इस्तेमाल आतंकवादी और नक्सलवादी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए किया गया?”
🚨 कांग्रेस का विरोध, लोकसभा में हंगामा
दुबे के इन आरोपों के बाद कांग्रेस सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। वे इस मुद्दे पर व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाहते थे, लेकिन पीठासीन सभापति संध्या राय ने उन्हें अनुमति नहीं दी।
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पहले भी संसद में ऐसे विवादित मुद्दे उठा चुके हैं। इस बार उनके आरोपों ने फिर से सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।
🤔 अब आगे क्या?
क्या सरकार जांच के आदेश देगी?
क्या राजीव गांधी फाउंडेशन और कांग्रेस पर कानूनी कार्रवाई होगी?
क्या विपक्ष इस मुद्दे पर जवाब देगा?
यह भी पढ़ें:
बैठे-बैठे भी रह सकते हैं फिट: ऑफिस में अपनाएं ये 5 आसान एक्सरसाइज
Navyug Sandesh Hindi Newspaper, Latest News, Findings & Fact Check