बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वृद्ध, दिव्यांग और विधवा महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन में तीन गुना वृद्धि की घोषणा की है। अब तक मिलने वाली ₹400 प्रतिमाह की पेंशन को बढ़ाकर ₹1100 प्रति माह कर दिया गया है।
यह फैसला 1 करोड़ 9 लाख 69 हजार 255 लोगों के जीवन में सीधे बदलाव लाएगा और हर महीने की 10 तारीख को यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
💬 सम्मान और स्वाभिमान की ओर बढ़ता बिहार
श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री के इस फैसले को वंचित वर्गों के लिए ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया।
उन्होंने कहा,
“यह पेंशन वृद्धों, दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ता कदम है।”
मंत्री ने कहा कि इस फैसले से सभी जाति, धर्म और समुदाय के पात्र लोग लाभान्वित होंगे। इससे उन्हें परिवार और समाज में सम्मानजनक स्थान मिलेगा और उन्हें अब किसी पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
🏛️ नीतीश सरकार का संवेदनशील प्रशासन ज़मीन पर दिख रहा है
संतोष कुमार सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार का नेतृत्व सिर्फ नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर असर डालने वाले फैसलों में भी दिखता है।
इस बढ़ोतरी को उन्होंने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में सशक्त कदम बताया।
🛠️ श्रमिकों के लिए भी चल रही हैं 16 कल्याणकारी योजनाएं
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग द्वारा भी श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
श्रमिक दुर्घटना सहायता योजना
मातृत्व लाभ योजना
आवास निर्माण सहायता योजना
सामाजिक सुरक्षा बीमा योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य है कि श्रमिकों को जन्म से लेकर मृत्यु तक सहायता और सुरक्षा मिले।
🎓 युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल प्रशिक्षण
साथ ही मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मांग आधारित कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि लाखों लोगों की ज़िंदगियों में बदलाव ला रही हैं।
🗣️ “बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए गरिमा की नई शुरुआत”
मंत्री ने कहा,
“यह फैसला सुनिश्चित करता है कि बिहार का कोई बुजुर्ग या दिव्यांग आर्थिक तंगी के कारण उपेक्षित न रहे। अब उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और गरिमा भी लौटेगी।”
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