नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को मची भगदड़ के बाद राजनीतिक हलकों में हंगामा मच गया है। विपक्षी दलों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की है, जबकि बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस भगदड़ को लेकर साजिश की आशंका जताई है और घटना की गहराई से जांच की मांग की है।
साजिश की जांच होनी चाहिए: दिलीप जायसवाल
बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा,
“यह एक गंभीर और दुखद घटना है। अचानक भगदड़ मचना अपने आप में संदेहास्पद है। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि असली कारणों का पता चल सके।”
उन्होंने आगे कहा कि बिना जांच के किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। साथ ही, महाकुंभ और आस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा,
“ऐसी घटनाओं के कारण आस्था को छोड़ना उचित नहीं है।”
लालू के बयान पर BJP का पलटवार
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इस हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और महाकुंभ पर सवाल उठाते हुए इसे “अर्थहीन” बताया।
लालू के इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा,
“लालू यादव अब उम्रदराज हो चुके हैं और उन्हें खुद भी नहीं पता कि वे क्या बोल रहे हैं।”
विपक्ष ने रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग की
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। भारी भीड़ और प्लेटफॉर्म बदलने की वजह से शनिवार देर रात भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
इस घटना को लेकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और RJD सहित कई विपक्षी दलों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,
“अगर रेल मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो उन्हें इस लापरवाही के लिए बर्खास्त कर देना चाहिए।”
रेलवे की गलती से हुआ हादसा: लालू यादव
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेलवे को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा,
“यह पूरी तरह रेलवे की लापरवाही और कुप्रबंधन का नतीजा है। इतने लोगों की मौत के बाद रेल मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
महाकुंभ को लेकर लालू ने विवादित बयान देते हुए कहा,
“अरे, ये सब कुंभ का क्या मतलब है? फालतू चीज़ है कुंभ!”
AAP और विपक्ष का सरकार पर हमला
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी पीड़ितों के लिए पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की और सरकार पर हादसे को छिपाने का आरोप लगाया। विपक्ष ने रेलवे प्रबंधन को पूरी तरह असफल बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
अब देखना होगा कि सरकार इस घटना पर क्या कदम उठाती है और क्या रेल मंत्री इस्तीफा देंगे या नहीं।
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