डिजिटल संचार के युग में व्हाट्सऐप हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। इसकी लोकप्रियता जितनी तेज़ी से बढ़ी है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार उपयोगकर्ता अनजाने में कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा सेटिंग्स को बंद कर देते हैं, जिससे उनका खाता हैकर्स के निशाने पर आ सकता है। ऐसे में व्हाट्सऐप की कुछ मूलभूत सेटिंग्स हैं, जिन्हें कभी भी ऑफ नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये खाते की सुरक्षा की पहली दीवार मानी जाती हैं।
1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-Step Verification)
यह फीचर व्हाट्सऐप खाते को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्षम करने पर उपयोगकर्ता को एक सुरक्षित 6-अंकों का पिन सेट करना होता है, जिसे समय-समय पर ऐप द्वारा मांगा जाता है। यदि कोई हैकर किसी भी तरह आपके सिम कार्ड या ओटीपी तक पहुंच बना ले, तो भी इस अतिरिक्त पिन के बिना आपका खाता एक्टिवेट नहीं किया जा सकता।
साइबर विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि इस फीचर को बंद रखना आपके खाते को गंभीर जोखिम में डाल सकता है। कई ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में देखा गया है कि जिन उपयोगकर्ताओं ने टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय नहीं किया था, वे आसानी से निशाना बन गए।
2. सिक्योरिटी नोटिफिकेशन (Security Notifications)
सिक्योरिटी नोटिफिकेशन एक ऐसा फीचर है जो आपके चैट की एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सुरक्षा पर नजर रखता है। जब भी किसी संपर्क के सुरक्षा कोड में बदलाव होता है—जैसे नया फोन लेने पर या ऐप रीइंस्टॉल करने पर—व्हाट्सऐप आपको तुरंत अलर्ट भेजता है।
यदि यह फीचर ऑफ हो, तो उपयोगकर्ता को पता ही नहीं चलेगा कि सामने वाले व्यक्ति का सुरक्षा कोड कब और कैसे बदला। कई बार साइबर हमलावर इसी भ्रम का फायदा उठाकर बातचीत को इंटरसेप्ट करने की कोशिश करते हैं। इसलिए सुरक्षा नोटिफिकेशन को ऑन रखना चैटिंग में पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करता है।
3. लास्ट सीन, प्रोफाइल फोटो और अबाउट की प्राइवेसी सेटिंग्स
अक्सर उपयोगकर्ता सुविधा या गोपनीयता के चलते “Everyone” विकल्प चुन लेते हैं, जिससे उनकी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन और अबाउट जानकारी हर किसी को दिखाई देने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जानकारी हैकर्स के लिए सोने की खान साबित हो सकती है। प्रोफाइल फोटो का गलत इस्तेमाल, लास्ट सीन के आधार पर उपयोगकर्ता की गतिविधि पर नजर रखना, या अबाउट जानकारी से व्यक्तिगत विवरण जुटाना—ये तरीके आमतौर पर साइबर अपराधी अपनाते हैं।
इसलिए इन सेटिंग्स को हमेशा “My Contacts” या “Nobody” पर ही सेट रखना चाहिए। हालांकि इन्हें पूरी तरह ऑफ न करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे आपके संपर्कों को भी आपकी असल पहचान जांचने में दिक्कत आ सकती है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
टेक विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा का कोई एक तरीका पर्याप्त नहीं होता। इसलिए व्हाट्सऐप की इन तीन सेटिंग्स को ऑन रखना एक बुनियादी सुरक्षा कवच का काम करता है। इसके अलावा, ऐप को नियमित रूप से अपडेट करना, संदिग्ध लिंक न खोलना और अनजान नंबरों से आए संदेशों को नजरअंदाज करना भी आवश्यक है।
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