इजराइल इन दिनों दो मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। एक ओर वह गाजा में हमास के खिलाफ निर्णायक बढ़त बना रहा है, तो दूसरी ओर देश के अंदरूनी हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं।
हाल ही में इजराइल के पूर्व सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस अहारोन बाराक ने सरकार की कुछ नीतियों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इजराइल एक भयानक गृह युद्ध की ओर बढ़ सकता है।
इजराइल के भीतर बढ़ता राजनीतिक संकट!
🚨 पूर्व मुख्य न्यायाधीश बाराक ने सरकार के फैसलों पर नाराजगी जताई।
🚨 शिन बेट प्रमुख और अटॉर्नी जनरल की बर्खास्तगी से बढ़ सकता है तनाव।
🚨 सड़क पर हिंसा और खून-खराबे की घटनाओं की आशंका।
बाराक का बयान:
“पहले इजराइल में सिर्फ विरोध प्रदर्शन होते थे, लेकिन अब लोग प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों से कुचल रहे हैं। जल्द ही हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसमें गोलीबारी और रक्तपात हो सकता है।”
नेतन्याहू सरकार पर बढ़ता दबाव!
🇮🇱 प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार विपक्ष और नागरिक आंदोलनों के भारी दबाव में है।
🇮🇱 नेतन्याहू ने “लेफ्टिस्ट डीप स्टेट” का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वामपंथी समूह सरकार को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं।
🇮🇱 बाराक ने नेतन्याहू के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इजराइल में कोई डीप स्टेट नहीं है, बल्कि यहां केवल अपने कर्तव्य का पालन करने वाले अधिकारी हैं।
इजराइल की जीत पर आंतरिक संकट का साया
🛑 विदेश मंत्री गिदोन सार ने बाराक की चेतावनी को खारिज किया।
🛑 शिक्षा मंत्री योआव किश ने कहा कि बाराक सरकार को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
🛑 लेकिन क्या नेतन्याहू सरकार देश में संतुलन बना पाएगी?
अगर नेतन्याहू सरकार जल्द ही संतुलन नहीं साधती, तो यह टकराव केवल राजनीतिक नहीं रहेगा, बल्कि सड़कों पर हिंसा का रूप ले सकता है। इजराइल की जीत युद्ध के मैदान में भले ही तय मानी जा रही हो, लेकिन असली चुनौती उसके अपने ही घर में बढ़ रही है!
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