आज के डिजिटल युग में गर्दन और पीठ दर्द आम समस्या बन चुकी है। लोग अक्सर इसे गलत पॉश्चर (मुद्रा) या लंबे समय तक बैठने से जोड़ते हैं, जो काफी हद तक सही भी है। लेकिन एम्स और अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों के अनुसार, यह दर्द केवल बैठने के तरीके या काम के स्ट्रेस से नहीं, बल्कि कुछ छिपी हुई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
1. विटामिन D और B12 की कमी
डॉ. बताती हैं कि विटामिन D और B12 की कमी से मांसपेशियों और हड्डियों में कमजोरी आती है, जिससे धीरे-धीरे गर्दन और पीठ में स्थायी दर्द विकसित हो सकता है। खासतौर पर वो लोग जो सूरज की रोशनी से दूर रहते हैं या शाकाहारी हैं, उनमें यह समस्या आम है।
2. स्ट्रेस और मानसिक थकान
लगातार मानसिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ा देता है, जिससे मांसपेशियों में जकड़न और ऐंठन होने लगती है। खासकर ऑफिस वर्कर्स और स्टूडेंट्स में देखा गया है कि मेंटल स्ट्रेस सीधे गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को प्रभावित करता है, जिससे पीठ दर्द की शुरुआत होती है।
3. स्लीप डिसऑर्डर और गलत गद्दा
नींद की गुणवत्ता भी पीठ और गर्दन दर्द में बड़ा रोल निभाती है। अगर आपका गद्दा बहुत सख्त या बहुत नरम है, या तकिया गर्दन को सही सपोर्ट नहीं दे रहा, तो यह सोते समय रीढ़ की हड्डी के नैचुरल अलाइनमेंट को बिगाड़ सकता है, जिससे सुबह उठते समय दर्द महसूस होता है।
क्या करें बचाव के लिए?
नियमित रूप से विटामिन D की जांच करवाएं
मानसिक तनाव को कम करने के लिए ध्यान और योग अपनाएं
अच्छी नींद के लिए ऑर्थोपेडिक गद्दा और सही तकिया चुनें
हर 30-40 मिनट में उठकर शरीर को स्ट्रेच करें
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