गुरुवार, 10 जुलाई को भारत की नेशनल टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की दर्दनाक हत्या ने खेल जगत और समाज को झकझोर कर रख दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि राधिका की हत्या का आरोप उसके अपने पिता दीपक यादव पर लगा है। पुलिस ने हत्या की पुष्टि कर दी है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हत्या की असली वजह क्या थी।
राधिका का आईफोन बना केस की चाबी
पुलिस ने अब जांच को आगे बढ़ाते हुए राधिका का आईफोन मधुबन फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। फोन से डिलीट किया गया डाटा रिकवर किया जाएगा ताकि पता चल सके कि हत्या से पहले राधिका के संपर्क में कौन-कौन था, या कहीं कोई अहम क्लू फोन में तो नहीं छुपा।
मोबाइल से मिल सकती है हत्या की गुत्थी का सुराग
जांच अधिकारियों का मानना है कि राधिका का मोबाइल हत्या की पृष्ठभूमि को समझने में अहम कड़ी साबित हो सकता है। फोन में मौजूद चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स या ऐप डाटा जांच के लिए बेहद जरूरी हैं।
पिता दीपक यादव जेल में, सेकेंड कैटेगरी के अपराधी घोषित
हत्या के आरोप में गिरफ्तार पिता दीपक यादव को अब जेल में हवालाती नंबर 4142 दिया गया है। जेल प्रशासन ने उसे हार्डकोर अपराधियों की सेकेंड कैटेगरी में रखा है। इससे स्पष्ट होता है कि मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जा रहा है।
पुलिस की अपील: सामने आएं और सहयोग करें
पुलिस प्रवक्ता एएसआई संदीप कुमार ने कहा है:
“अगर परिवार के किसी सदस्य, दोस्त या जान-पहचान वाले के पास राधिका को लेकर कोई जानकारी है, जो उन्होंने मीडिया या सोशल मीडिया पर साझा की है, तो वो आगे आकर पुलिस को बताएँ। हम जांच में हर संभव सहयोग चाहते हैं।”
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