इजरायल-हमास जंग के बीच मुस्लिम देश मिस्र ने बड़ा एलान किया है. मिस्र ने रविवार को कहा कि इजरायल के खिलाफ वह अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाएगा. इस एलान के बाद मिस्र ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलिस्तीन के साथ है. रविवार को मिस्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल के खिलाफ दायर दक्षिण अफ्रीका के मामले में समर्थन के लिए वह हस्तक्षेप करेगा. वहीं मिस्र के अधिकारी इसके पहले भी कह चुके हैं कि अगर इजरायल राफा में सैन्य अभियान जारी रखता है तो मिस्र इजरायल के साथ अपने सबंधों पर विचार करने के लिए मजबूर होगा.
रॉयटर्स ने मिस्र के विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि साउथ अफ्रीका केस में हस्तक्षेप का मामला गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान के विरोध में आया है. हालांकि, मिस्र ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय अदालत में किस तरह का हस्तक्षेप करेगा. मिस्र इसके पहले भी इस मामले में दलीले पेश कर चुका है. अब माना जा रहा है कि इजरायल के खिलाफ यदि मिस्र अंतरराष्ट्रीय अदालत में जाता है तो बेंजामिन नेतान्याहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. क्योंकि इजरायल के राफा में सैन्य अभियान का पूरी दुनिया में पहले से विरोध हो रहा है. अमेरिका भी इजरायल के इस फैसले का विरोध कर चुका है.
इजरायली न्यूज पोर्टल यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, मिस्र ने कहा कि इजरायली हमलों में गाजा में नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है. इसके साथ ही फिलिस्तीन के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इसकी वजह से फिलिस्तीन के नागरिकों को विस्थानपन का शिकार होना पड़ रहा है, इसकी वजह से फिलिस्तीन में मानवीय संकट खड़ा हो गया है. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘इजरायल की ये कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के संबंध में 1949 के चौथे जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है.’
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