उद्देश्य-प्रेरित परोपकार का एक सशक्त पुनर्संकल्प लेकर मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने बालोतरामें (संस्थापक श्री मोतीलाल ओसवाल के गृह ज़िले) एक परिवर्तनकारी शिक्षा और आजीविका पहल का अनावरण किय़ा। इस शुभ अवसर पर राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा तथा सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर उपस्थित थे।
फाउंडेशन ने इस क्षेत्र में स्थायी बदलाव लानेके हेतु आगामी पांच वर्षों में लगभग ₹100 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की।
“सीखो, कमाओ और लौटाओ” की विचारधारा पर आधारित यह पहल एक विरासत और दूरदृष्टि से प्रेरित है। श्री मोतीलाल ओसवाल और श्री रामदेव अग्रवाल द्वारा स्थापित मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन इस विश्वास को जगाता है कि दूसरों को सशक्त बनाने में ही असली संपन्नता है। दोनों सह-संस्थापकों ने मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी का 10% फाउंडेशन को समर्पित किया है, जिससे ₹4,000 करोड़ से अधिक का परोपकारी कोषकी निर्मिती की गई है।
पिछले 15 वर्षों में फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे भारत के मूलभूत विकास क्षेत्रों में शांति से कार्य करते हुए योगदान दिया है। अब तक ₹800 करोड़ से अधिक की राशि विभिन्न विकास परियोजनाओं में समर्पित की जा चुकी है, और यह कार्य लगातार अधिकाधिक गहराई प्राप्त कर रहा है।
बालोतरा की यह पहल इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। अगले पांच वर्षों में यह कार्यक्रम बालोतरा और आस-पास के क्षेत्रों में 1 लाख से अधिक बच्चों, 5,000 युवाओं, और 25,000 किसानों के जीवन को छूकर उनमें विकास लाएगा। इसके अलावा, इस प्रयास से लगभग 400 स्थानीय रोज़गार सृजित होंगे, जिससे समुदाय को गरिमा और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होने का अवसर मिलेगा।
इस परिवर्तन के केंद्र में स्थित होगा “अंसीदेवी गोपीलाल ओसवाल कौशल एवं कृषि विकास संस्थान”, जो 87 बीघा भूमि में फैला एक अत्याधुनिक परिसर होगा। यह संस्थान व्यावसायिक प्रशिक्षण, एग्रीटेक (कृषि तकनीक), और डिजिटल शिक्षा के लिए एक राष्ट्रीय मॉडल के रूप में बालोतरा को एक नई पहचान देगा।
इस दृष्टि को साकार करने के लिए, फाउंडेशन ने भारत की चार प्रमुख और भरोसेमंद सामाजिक संस्थाओं के साथ साझेदारी की है, रॉकेट लर्निंग, एजुकेट गर्ल्स, मुस्कान ड्रीम्स, और लाइटहाउस कम्युनिटीज फाउंडेशन।
इस अवसर पर मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री. मोतीलाल ओसवाल जी ने कहा,
“हम हमेशा ‘सीखो, कमाओ और लौटाओ’ इस सिध्दांतमें विश्वास करते आए हैं। हम मानते हैं की ज्ञान प्राप्त करो, उसका उपयोग करके संपत्ति बनाओ और फिर उस संपत्ति का उपयोग समाज में स्थायी प्रभाव डालने के लिए करो। बालोतरा और राजस्थान ने मुझे मेरी शुरुआत दी, और अब कुछ ठोस और स्थायी लेकर लौटना मेरे लिए अत्यंत संतोषजनक अनुभव है”
श्री रामदेव अग्रवाल ने कहा, “परोपकार सबसे शुद्ध निवेश है—लोगों में, भविष्य में और भारत में। हम यह बदलाव अपने जीवनकाल में ही होता देखना चाहते हैं।”
यह घोषणा फाउंडेशन के उच्च-प्रभाव वाले परोपकार की परंपरा को और भी सुदृढ़ करती है, जिसके प्रमुख योगदानों में शामिल हैं: ₹130 करोड़ का योगदान आईआईटी बॉम्बे को, ₹115 करोड़ राजस्थान विद्यार्थी गृह को, ₹100 करोड़ इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस को, और कई अन्य संस्थानों को।
अब तक, फाउंडेशन ने 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षित किया है, 50,000 किसानों को सहयोग दिया है, और 10,000 से अधिक युवाओं व दिव्यांगजनों को सशक्त बनाया है, परंतु यह यात्रा अभी समाप्त नहीं हुई है। आने वाले दशकोंमें, मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन विकसित भारत की राष्ट्रीय दृष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की योजना बना रहा है।
“एक समय में एक जीवन को सक्षम बनाते हुए, भारत को सशक्त बनाना”— यही फाउंडेशन का ध्येय है, और बालोतरा पहल के माध्यम से यह संकल्प उस भूमि में गहराई से जड़ें जमा रहा है, जिसने इस यात्रा को सफल जीवन दिया।
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