मोरिंगा, जिसे सहजन या ड्रमस्टिक ट्री भी कहा जाता है, बीते कुछ वर्षों में सुपरफूड की श्रेणी में शामिल हो गया है। यह पौधा विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सिडेंट और प्रोटीन से भरपूर होता है। न्यूट्रिशनिस्ट इसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, वजन नियंत्रित रखने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए उपयोगी बताते हैं। हालांकि इसके अनगिनत लाभों के बीच एक महत्वपूर्ण तथ्य अक्सर नजरअंदाज हो जाता है—मोरिंगा सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता। कुछ लोगों के लिए यह सामान्य खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि परेशानी का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अनियमित सेवन या गलत परिस्थितियों में मोरिंगा का उपयोग शरीर पर उल्टा असर डाल सकता है। आइए जानते हैं वे 4 समूह, जिनके लिए मोरिंगा का सेवन खतरनाक साबित हो सकता है।
1. गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान मोरिंगा, विशेष रूप से इसकी जड़ और छाल का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसमें मौजूद कुछ यौगिक गर्भाशय में संकुचन पैदा कर सकते हैं, जिससे प्रीमैच्योर लेबर या गर्भपात का जोखिम बढ़ सकता है। कई विशेषज्ञ गर्भवती महिलाओं को मोरिंगा पाउडर तक को सावधानी से लेने की सलाह देते हैं। किसी भी प्रकार का सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सकीय परामर्श अनिवार्य है।
2. ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाएं लेने वाले लोग
मोरिंगा ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नैचुरली कम करने की क्षमता रखता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज या बीपी की दवाएं चल रही हों, तो मोरिंगा का सेवन उनके दवाइयों के असर को बढ़ा सकता है और ब्लड प्रेशर या शुगर लेवल जरूरत से अधिक गिर सकता है। यह स्थिति हाइपोटेंशन या हाइपोग्लाइसीमिया का जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के मोरिंगा से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
3. पाचन तंत्र कमजोर वाले लोग
मोरिंगा फाइबर और एक्टिव यौगिकों से भरपूर होता है, जो सामान्य व्यक्तियों में पाचन के लिए लाभदायक होते हैं। लेकिन जिन लोगों का पाचन तंत्र संवेदनशील है—जैसे IBS, तेज़ एसिडिटी या लगातार पेट दर्द की शिकायत—उनके लिए मोरिंगा भारी पड़ सकता है। यह गैस, दस्त, पेट फूलना और ऐंठन जैसी समस्याओं को और बढ़ा सकता है।
4. ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले मरीज
मोरिंगा रक्त संचार को प्रभावित करने वाले तत्वों से युक्त होता है, जो ब्लड थिनर दवाओं के असर को भी बदल सकता है। वॉरफरिन जैसे ब्लड थिनर लेने वाले मरीजों में मोरिंगा दवा की कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप कर सकता है, जिससे रक्तस्राव या थक्के बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इस श्रेणी के मरीजों को मोरिंगा का सेवन बिल्कुल सावधानी से करना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोरिंगा जितना शक्तिशाली है, उतनी ही सावधानी भी मांगता है। स्वस्थ व्यक्ति भी इसे अत्यधिक मात्रा में लेने से बचें। सामान्य तौर पर सीमित मात्रा में सेवन सुरक्षित माना जाता है, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य स्थिति में बदलाव या दवाइयों के उपयोग की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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