डायबिटीज में रामबाण है मूंग दाल – जानें कब और कैसे करें सेवन

डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर लेवल लगातार बढ़ा रहता है। इसे कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है, वरना यह हृदय, किडनी और आंखों सहित कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में खानपान में कुछ विशेष बदलाव करने से काफी हद तक डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है। मूंग की दाल ऐसा ही एक सुपरफूड है जो डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है।

मूंग दाल क्यों है फायदेमंद?

मूंग की दाल में प्रोटीन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता। यह शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा होता है। इसके अलावा, यह पाचन को भी बेहतर बनाता है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।

मूंग दाल का सेवन कब करें?

  1. सुबह का नाश्ता – अंकुरित मूंग दाल या मूंग दाल चीला सुबह के समय लेने से दिन भर एनर्जी बनी रहती है और शुगर लेवल भी स्थिर रहता है।
  2. दोपहर का भोजन – मूंग दाल की हल्की खिचड़ी या सादी दाल सब्जी के साथ लेने से शरीर को भरपूर पोषण मिलता है।
  3. शाम का नाश्ता – रोस्टेड मूंग या स्प्राउट्स को सलाद की तरह खाया जा सकता है।

कैसे करें सेवन?

  • अंकुरित मूंग दाल – रातभर भिगोकर अगली सुबह इसे अंकुरित करें और हल्का उबालकर नमक, नींबू, प्याज, टमाटर मिलाकर सेवन करें।
  • मूंग दाल चीला – मूंग दाल को पीसकर उसमें हरी सब्जियाँ मिलाकर बिना ज्यादा तेल के तवे पर सेंकें।
  • सादी मूंग दाल – कम मसालों में बनी सादी मूंग दाल रोज़ाना खाने में शामिल करें।

ध्यान देने योग्य बातें

  • ज्यादा तली-भुनी मूंग दाल की रेसिपी से बचें।
  • दाल में ज्यादा नमक या घी का प्रयोग न करें।
  • सेवन की मात्रा संतुलित रखें – ज्यादा मात्रा में लेने से वजन बढ़ सकता है।

मूंग दाल एक सस्ता, सुलभ और बेहद फायदेमंद विकल्प है जिसे डायबिटीज के मरीज अपने नियमित आहार में शामिल कर सकते हैं। यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मददगार है। सही मात्रा और सही समय पर इसका सेवन आपको लंबे समय तक फिट और सक्रिय बनाए रख सकता है।