देश में डिजिटल भुगतान का दायरा तेजी से बढ़ा है। सब्जी खरीदने से लेकर बड़े बिलों के भुगतान तक, आज UPI आम लोगों की पहली पसंद बन चुका है। लेकिन सुविधा के साथ खतरे भी बढ़े हैं। हाल के महीनों में UPI फ्रॉड के मामलों में तेज़ी से इजाफा देखा गया है। साइबर अपराधी छोटी-छोटी लापरवाहियों का फायदा उठाकर लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं।
कैसे बढ़ रहा है UPI फ्रॉड?
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, ठग अब नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। फर्जी कॉल, नकली मैसेज, झूठे कैशबैक ऑफर और फेक कस्टमर केयर नंबर के जरिए यूजर्स से संवेदनशील जानकारी हासिल की जाती है। जैसे ही यूजर गलती करता है, कुछ ही सेकंड में खाते से पैसे निकल जाते हैं।
ये 5 बड़ी गलतियां भूलकर भी न करें
1. अनजान लिंक पर क्लिक करना
कई बार UPI अपडेट, रिफंड या इनाम के नाम पर मैसेज आते हैं। ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है।
2. UPI पिन किसी को बताना
बैंक या कस्टमर केयर कभी भी UPI पिन नहीं मांगते। अगर कोई कॉल या मैसेज में पिन मांगे, तो समझ जाएं कि यह धोखाधड़ी है।
3. रिक्वेस्ट को बिना जांच स्वीकार करना
कई लोग जल्दीबाजी में पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं। ध्यान रखें, पैसे पाने और भेजने की रिक्वेस्ट में फर्क समझना बेहद जरूरी है।
4. फेक कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा करना
इंटरनेट पर कई नकली हेल्पलाइन नंबर मौजूद हैं। केवल बैंक या ऐप की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर ही संपर्क करें।
5. सार्वजनिक Wi-Fi पर UPI इस्तेमाल करना
पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क पर पेमेंट करना आपकी जानकारी को खतरे में डाल सकता है। इससे बचना ही बेहतर है।
एक गलती, पूरा अकाउंट साफ
विशेषज्ञों का कहना है कि UPI फ्रॉड में सबसे खतरनाक बात इसकी तेजी है। जैसे ही ठग को एक्सेस मिलता है, वह पलक झपकते ही खाते से पैसे निकाल लेता है। कई मामलों में यूजर को तब तक पता चलता है, जब तक नुकसान हो चुका होता है।
कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
UPI ऐप को हमेशा अपडेट रखें
फोन में स्क्रीन लॉक और ऐप लॉक का इस्तेमाल करें
ट्रांजैक्शन अलर्ट पर नजर रखें
संदिग्ध गतिविधि दिखते ही बैंक को तुरंत सूचित करें
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