मोदी-यूनुस की थाईलैंड में मुलाकात! बदलेंगे भारत-बांग्लादेश रिश्तों के समीकरण

थाईलैंड में आयोजित BIMSTEC सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक साथ आधिकारिक डिनर में देखा गया। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात शुक्रवार को हो सकती है, जो बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय कर सकती है।

🌏 2018 के बाद पहली आमने-सामने बातचीत
BIMSTEC यानी Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation का यह छठा शिखर सम्मेलन है, और 2018 के बाद पहली बार सदस्य देशों के नेता आमने-सामने बातचीत कर रहे हैं।
शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को लेकर अटकलें तेज थीं। ऐसे में यूनुस और मोदी की मुलाकात क्षेत्रीय समीकरणों को नया मोड़ दे सकती है।

🇳🇵 नेपाल और म्यांमार के नेताओं से भी बातचीत संभव
प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग हलिंग से भी मुलाकात कर सकते हैं। नेपाल में इस वक्त राजशाही की बहाली को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, ऐसे में ओली-मोदी बातचीत पर नजरें टिकी हैं। वहीं, म्यांमार के जनरल हलिंग की यह दुर्लभ अंतरराष्ट्रीय यात्रा है, क्योंकि हाल ही में उनके देश में भीषण भूकंप आया था।

🗣️ भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नए अध्याय की शुरुआत?
भारत और बांग्लादेश के बीच हमेशा से घनिष्ठ और रणनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन शेख हसीना के जाने के बाद नई सरकार की भारत नीति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मोहम्मद यूनुस एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। ऐसे में भारत उनके नजरिए और नीतियों को लेकर उत्सुक है।

अगर दोनों नेताओं की बैठक होती है तो इसमें व्यापार, सुरक्षा, सीमा विवाद, कनेक्टिविटी और जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

🔍 आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल मोदी और यूनुस की संभावित बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन थाईलैंड में दोनों को एक साथ देखने के बाद यह स्पष्ट है कि भारत-बांग्लादेश के बीच उच्च स्तरीय बातचीत के रास्ते खुले हैं। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस बहुपक्षीय मंच से दोनों देशों के रिश्तों की नई दिशा क्या होगी।

यह भी पढ़ें:

सर्दी-जुकाम में तुरंत आराम पाने के लिए अपनाएं यह खास नुस्खा