धमकीबाज़ ट्रंप पर भारी पढ़ा परिपक्व मोदी का नेतृत्व: टैरिफ ड्रामा में कौन निकला आगे

अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर क्रमिक रूप से बढ़ते टैरिफ का दबाव बनाया—पहले 25% और बाद में अतिरिक्त 25%, जिससे कुल 50% का भार बन गया। यह कदम भारत से रूस से तेल आयात, BRICS संबंध और कृषि विशेष हालात के कारण उठाया गया था, जिसे भारत ने “अनुचित और अनुचित” ठहराया।

ट्रंप की टैरिफ नीति: शक्ति प्रदर्शन या कूटनीति का खानापूर्ति?

विश्लेषकों ने ट्रंप की इस नीति को पारंपरिक कूटनीति की जगह एक आग्रासिव आर्थिक हथियार के रूप में देखा। ट्रेड टैरिफ को राजनीतिक दबाव का माध्यम बना दिया गया, खासकर भारत जैसे बड़े साझेदार पर। इससे पारंपरिक राज्यcraft कमजोर हुआ और विश्व स्तर पर भरोसा कम हुआ।

मोदी का जवाब: स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और ठोस रणनीति

मोदी सरकार ने ट्रंप की चुनौती को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने का अवसर बनाया। पीएम मोदी ने ‘स्वदेशी’ की ताकत पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत बारिशों की तरह नहीं, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर जोर देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा, “हम किसानों, युवा एवं छोटे उद्योगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेंगे”।

घरेलू प्रतिक्रिया: विपक्ष की कटु आलोचना

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मौके का उपयोग मोदी सरकार को घेरने में किया और इसे विदेश नीति की बड़ी विफलता करार दिया—”क्ल्यूलेस” और “दबाये जाने वाला” बताया गया। वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने इसे “राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला” करार दिया।

आर्थिक असर और दीर्घकालिक रणनीति

ताज्जुबजनक है कि सूरत जैसे औद्योगिक केंद्रों में हज़ारों लोगों की बेरोज़गारी और अर्थव्यवस्था की सुस्ती जैसे गंभीर प्रभाव हुए। सरकार ने निर्यातकों को राहत देने के लिए वित्तीय पैकेज, नए बाजारों (जैसे लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व) में फोकस, और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की रणनीति अपनाईकौन रहा बेहतर नेता?।

ट्रंप ने टैरिफ को अपने राजनीतिक और आर्थिक हितों के लिए प्रयोग किया—लेकिन इससे अमेरिका का रणनीतिक दृष्टिकोण और सहयोग प्रभावित हुआ।

मोदी ने इस दबाव को अवसर में बदला—आर्थिक आत्मनिर्भरता, मजबूत घरेलू उद्योग और स्वदेशी चेतना जगाने में कामयाबी हासिल की।

ये फर्क दिखाता है कि मोदी का नेतृत्व अधिक स्थिर, दूरदर्शी और समयोचित था, जबकि ट्रंप का दृष्टिकोण अधिक व्यक्तिगत और अस्थिर रहा।

यह भी पढ़ें:

क्या आपकी भी आधी रात को खुल जाती है नींद? जानें कारण और बचाव के कारगर उपाय