अभिनेत्री और मॉडल मालती चाहर ने एक हालिया बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित बायोपिक फिल्मों में काम करने की इच्छा जताई है। मालती ने कहा कि उन्हें दोनों नेताओं की “पर्सनालिटी, अनुशासन और कार्यशैली” बेहद प्रभावित करती है, और वे ऐसे प्रभावशाली किरदारों को पर्दे पर निभाने का अवसर मिलने पर खुद को भाग्यशाली मानेंगी।
मालती चाहर, जो क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन और अभिनेत्री के रूप में अपना अलग मुकाम बना चुकी हैं, बीते कुछ समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी रुचि रखने के चलते सुर्खियों में रही हैं। एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मोदी जी और योगी जी दोनों की शख्सियत बेहद दृढ़, असरदार और प्रेरणादायक है। देश—विशेषकर युवाओं—को उनके नेतृत्व से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर उनकी बायोपिक बनती है और मुझे इनमें से किसी भी किरदार को निभाने का मौका मिलता है, तो यह मेरे करियर का महत्वपूर्ण अध्याय होगा।”
उन्होंने आगे बताया कि बायोपिक फिल्मों में अभिनय सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का काम होता है। इसमें किरदार की भावनाओं, संघर्षों और वास्तविक जीवन के अनुभवों को दर्शकों तक सही रूप में पहुँचाने की चुनौती शामिल होती है। मालती ने कहा, “ऐसे किरदार निभाने के लिए तैयारी, शोध और गहराई की आवश्यकता होती है। लेकिन यदि मौका मिला, तो मैं पूरी मेहनत और संवेदनशीलता के साथ इसे निभाना चाहूँगी।”
फिल्म इंडस्ट्री में वर्तमान समय में राजनीतिक और ऐतिहासिक बायोपिक की मांग लगातार बढ़ रही है। कई प्रोडक्शन हाउस नेताओं, खिलाड़ियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के जीवन पर आधारित फिल्में बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार ने बायोपिक को नया बाजार दिया है, जिससे ऐसे विषयों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचने का अवसर मिला है।
मालती चाहर का यह बयान ऐसे समय आया है जब वे अपने करियर के नए चरण में प्रवेश कर रही हैं। वह हाल ही में कुछ वेब प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के लिए चर्चाओं में थीं, और फैन्स के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रशंसक संख्या तेजी से बढ़ी है, जहाँ वे अक्सर अपनी फिटनेस, अभिनय और सामाजिक विचार साझा करती रहती हैं।
उनके इस बयान को लेकर दर्शकों और ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। कई लोगों ने इसे “साहसिक इच्छा” बताते हुए कहा कि बायोपिक में काम करने के लिए मजबूत स्क्रीन प्रेज़ेंस और गहरी समझ की जरूरत होती है, जो मालती के पास है। वहीं कुछ ने सुझाव दिया कि ऐसी फिल्में तभी सफल हो सकती हैं जब कहानी को संतुलित और शोधपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
फिल्म जगत में यह अंदाज़ा भी लगाया जा रहा है कि आने वाले वर्षों में मोदी और योगी जैसे नेताओं के जीवन पर आधारित बड़े प्रोजेक्ट्स सामने आ सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मालती चाहर इनमें किसी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आती हैं या नहीं।
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