महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर तेज़ हलचल देखने को मिली जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को मुंबई में पार्टी पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक का मकसद था — आगामी निकाय चुनावों के लिए रणनीति तय करना और संगठन को नए सिरे से मजबूत करना।
बैठक में मुंबई, पुणे, नासिक, ठाणे और अन्य प्रमुख शहरी निकाय क्षेत्रों से आए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। शरद पवार ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस बार NCP स्थानीय स्तर पर अपना आधार मजबूत करने और शहरी मतदाताओं से सीधा संवाद करने की रणनीति अपनाएगी।
गठबंधन को लेकर अहम संदेश
पवार ने इस दौरान महाविकास अघाड़ी (MVA) में सहयोगी दलों—शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस—के साथ बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो NCP चुनाव में सीटों की संख्या कम कर सकती है, लेकिन वह वोटों का विभाजन नहीं होने देगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता ही सफलता की कुंजी है।
संगठन में बदलाव के संकेत
इस बैठक में शरद पवार ने यह भी साफ किया कि पार्टी अब जमीनी कार्यकर्ताओं और युवा चेहरों को आगे लाने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए सिर्फ बड़े नाम काफी नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर मजबूत पकड़ बनानी होगी। उन्होंने जिला इकाइयों को निर्देश दिया कि वे अगले दो सप्ताह में वार्ड स्तर की रिपोर्ट सौंपें।
डिजिटल अभियान पर भी चर्चा
बैठक में यह तय हुआ कि पार्टी अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक सक्रिय होगी। युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए वीडियो अभियान, फेसबुक लाइव संवाद, और वोटरों से सीधे बातचीत के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। शरद पवार ने कहा, “समय बदल चुका है। हमें अब परंपरागत के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी लड़ाई लड़नी होगी।”
बीजेपी को लेकर आक्रामक रुख
बैठक में पवार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा और कहा कि वह जनादेश की परवाह किए बिना सत्ता हथियाने की कोशिशों में लगी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है।
आगे की रणनीति
बैठक के अंत में तय हुआ कि नवंबर के अंत तक एक और समीक्षा बैठक की जाएगी, जिसमें जिला स्तर की रिपोर्टों के आधार पर अंतिम उम्मीदवार तय किए जाएंगे। इसके अलावा MVA समन्वय समिति की बैठक जल्द बुलाने की बात भी हुई।
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