राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई और कहा कि महाकुंभ में आस्था और विश्वास का विशाल समागम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
संगम में डुबकी लगाने के बाद मुर्मू ने गंगा नदी को नारियल चढ़ाया और सूर्य को अर्घ्य दिया।
बाद में एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “आज मुझे प्रयागराज महाकुंभ के दिव्य वातावरण में मां गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के पवित्र संगम में स्नान करने का सौभाग्य मिला।”
राष्ट्रपति ने कहा कि महाकुंभ मानवता को एकता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है।
उन्होंने कहा, “आस्था और विश्वास का यह विशाल समागम भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत और जीवंत प्रतीक है। महाकुंभ मानवता को एकता और आध्यात्मिकता का संदेश देता है। मैं मां गंगा से प्रार्थना करती हूं कि वे सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें और सभी के जीवन में सुख और शांति का संचार करती रहें।” संगम जाते समय राष्ट्रपति ने नदी में घूम रहे प्रवासी साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया।
अधिकारियों ने बताया कि संगम घाट पर नाव से जाते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति मुर्मू से कहा कि एक तरफ से आ रहा हरा रंग का पानी यमुना नदी का है जबकि दूसरी तरफ से आ रहा पीला रंग का पानी गंगा नदी का है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इन दोनों नदियों के संगम पर जा रहे हैं।”
राष्ट्रपति ने अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने इससे पहले प्रयागराज पहुंचने पर राष्ट्रपति की अगवानी की।
महाकुंभ, जो 13 जनवरी से शुरू हुआ था, दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु आते हैं। यह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा।
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