डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अब देशभर में ट्रांसपोर्ट से जुड़ी सेवाओं को भी तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाया जा रहा है। इसी दिशा में सरकार अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) जैसे दस्तावेजों को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक करने पर ज़ोर दे रही है।
अगर आपने अभी तक अपने वाहन दस्तावेज़ों को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक नहीं किया है, तो आने वाले समय में न सिर्फ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि चालान, बीमा क्लेम और गाड़ी ट्रांसफर जैसी सेवाओं में रुकावट भी आ सकती है।
क्यों जरूरी है DL और RC को आधार से जोड़ना?
फर्जी लाइसेंस और वाहनों की पहचान रोकने के लिए।
ई-चालान और ओटीपी आधारित सेवाएं सरल बनाने के लिए।
वाहन स्वामित्व ट्रांसफर को डिजिटल और सुरक्षित बनाने के लिए।
बीमा क्लेम और वाहन चोरी जैसी स्थिति में ट्रैकिंग आसान बनाने के लिए।
डुप्लीकेट दस्तावेज़ निकालने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए।
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, जिनका DL या RC आधार व मोबाइल नंबर से जुड़ा नहीं है, उन्हें भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं से वंचित किया जा सकता है।
आधार और मोबाइल नंबर लिंक न होने से क्या होंगे नुकसान?
ऑनलाइन चालान नहीं देख पाएंगे या भर नहीं पाएंगे।
बीमा क्लेम में देरी या अस्वीकार होने की संभावना।
डुप्लीकेट DL या RC बनवाना मुश्किल।
वाहन ट्रांसफर, पते में बदलाव जैसे काम रुके रहेंगे।
डिजिलॉकर या mParivahan ऐप से डॉक्यूमेंट नहीं दिखेंगे।
स्टेप-बाय-स्टेप: कैसे करें लिंकिंग?
1. परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाएं
राष्ट्रीय परिवहन पोर्टल: https://parivahan.gov.in
2. ‘Driving Licence Related Services’ चुनें
अपने राज्य का चयन करें और DL या RC संबंधित सेवा पर क्लिक करें।
3. ‘Update Mobile Number’ विकल्प चुनें
यहाँ आप नया मोबाइल नंबर लिंक कर सकते हैं।
4. आधार लिंकिंग (Aadhaar Seeding) विकल्प पर जाएं
DL नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें। फिर आधार नंबर डालें।
5. OTP वेरीफिकेशन करें
आपके आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा। वेरीफाई करें।
6. सफल लिंकिंग की पुष्टि मिलेगी
ऑनस्क्रीन कन्फर्मेशन के बाद SMS भी प्राप्त होगा।
ऑफलाइन विकल्प भी मौजूद
यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने RTO कार्यालय में जाकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहाँ एक सरल फॉर्म भरना होता है और पहचान के रूप में आधार दिखाना होता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
ट्रांसपोर्ट एनालिस्ट के अनुसार,
“देश में वाहन और ड्राइविंग से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए आधार आधारित पहचान अनिवार्य होती जा रही है। यह बदलाव न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि सेवाओं को भी अधिक प्रभावशाली बनाएगा।”
डिजिलॉकर और mParivahan में लाभ
अगर आपने DL और RC को आधार और मोबाइल नंबर से लिंक कर लिया है, तो आप डिजिलॉकर और mParivahan ऐप के ज़रिए इन्हें डिजिटल फॉर्म में कहीं भी, कभी भी दिखा सकते हैं — और ये दस्तावेज़ कानूनन वैध भी माने जाते हैं।
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