लकवा या स्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो मस्तिष्क और शरीर के बीच संदेशों के आदान-प्रदान को प्रभावित कर देती है। हाल के शोध बताते हैं कि कुछ विटामिन्स की कमी हमारे नर्वस सिस्टम को कमजोर कर सकती है और लकवा पड़ने का खतरा बढ़ा सकती है।
नर्वस सिस्टम और लकवा
नर्वस सिस्टम मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों से बना होता है। यह पूरे शरीर में संदेश भेजने और लेने का काम करता है। जब नर्वस सिस्टम कमजोर होता है, तो मस्तिष्क और शरीर के बीच संदेश सही ढंग से नहीं पहुँच पाते, जिससे लकवा या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।
कौन से विटामिन हैं महत्वपूर्ण?
विशेषकर विटामिन B12 और फोलेट (B9) की कमी नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। ये विटामिन:
- नसों की सुरक्षा करते हैं और मायलिन शीथ को मजबूत बनाते हैं
- रक्त में होमोसिस्टीन के स्तर को नियंत्रित रखते हैं, जो हृदय और मस्तिष्क की धमनियों के लिए जरूरी है
- न्यूरोलॉजिकल कार्यों को सुचारू रखते हैं
विटामिन की कमी से लकवा कैसे बढ़ता है?
- नसों की कमजोरी: B12 और फोलेट की कमी से नसें कमजोर होती हैं, जिससे मस्तिष्क तक संदेश सही ढंग से नहीं पहुँचते।
- रक्त प्रवाह प्रभावित होना: विटामिन की कमी से रक्त में होमोसिस्टीन बढ़ता है, जो धमनियों में थक्के और ब्लॉकेज का कारण बन सकता है।
- न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर: लंबे समय तक कमी से स्मृति और सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है, जो स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता है।
बचाव के उपाय
- संतुलित आहार: हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अंडा, दूध और डेयरी उत्पाद विटामिन B12 और फोलेट के अच्छे स्रोत हैं।
- सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह पर विटामिन सप्लीमेंट्स लें।
- नियमित जांच: ब्लड टेस्ट से विटामिन लेवल और होमोसिस्टीन स्तर की जांच करवाएं।
- शारीरिक सक्रियता: हल्का व्यायाम और योग नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाए रखते हैं।
लकवा एक गंभीर और अचानक होने वाली समस्या है, लेकिन सही विटामिन लेवल और नर्वस सिस्टम की देखभाल से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए अपने आहार और जीवनशैली पर ध्यान दें, और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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