टेलीविजन और फिल्मों में कई बोल्ड किरदार निभाने वाली जानी-मानी अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के उन काले पन्नों को खोला, जिनके बारे में अब तक बहुत कम लोग जानते थे। उनका यह खुलासा न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे दर्द और संघर्ष की एक गहरी परत छिपी होती है।
कुनिका, जिन्हें 90 और 2000 के दशक में फिल्मों और टीवी सीरियल्स में निगेटिव किरदारों के लिए पहचाना जाता था, ने बताया कि कैसे एक समय ऐसा आया जब उनका पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन दोनों डगमगाने लगे। उन्होंने स्वीकार किया कि तलाक के बाद वह मानसिक रूप से पूरी तरह से टूट चुकी थीं और उन्हें जीने की कोई वजह नहीं दिख रही थी।
“मैंने खुद को नाइट क्लब्स में भटकते हुए पाया। शराब पीना आदत बन चुकी थी, शायद एक तरह का पलायन था मेरी तकलीफों से,” उन्होंने कहा।
कुनिका ने साफ शब्दों में बताया कि तलाक के बाद अकेलेपन ने उन्हें अंदर से खोखला कर दिया था। वे कहती हैं कि वह खुद से लड़ रही थीं, लेकिन तब न उनके पास सही लोग थे, न सलाह। करियर में भी लगातार असफलताएं मिल रही थीं। “जब पर्सनल जिंदगी बिखरती है, तो प्रोफेशनल पर भी असर पड़ता है। मैं टूट रही थी, लेकिन कैमरे के सामने मुस्कुरा रही थी,” उन्होंने बताया।
उन्होंने यह भी कबूला कि एक समय ऐसा आया जब वे डिप्रेशन और शराब की लत से इतनी घिर चुकी थीं कि आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे। लेकिन फिर भी कहीं न कहीं एक आवाज़ अंदर से कहती रही — “रुक जाओ, अभी बाकी है…”
इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय वह खुद को, कुछ पुराने दोस्तों को और अपनी आत्मचेतना को देती हैं। कुनिका बताती हैं कि उन्होंने थेरेपी, मेडिटेशन और खुद से संवाद करना शुरू किया। उन्होंने अपना ध्यान एक्टिंग से बिज़नेस और सामाजिक कार्यों की ओर लगाया। आज वे एक सफल एंटरप्रेन्योर, सोशल एक्टिविस्ट और मोटिवेशनल स्पीकर हैं।
“अब मैं उस दौर को देखती हूं तो समझ में आता है कि दर्द भी ज़िंदगी का हिस्सा है, पर ठहर जाना नहीं है,” उन्होंने भावुक होकर कहा।
कुनिका सदानंद की यह कहानी बताती है कि ग्लैमर की चकाचौंध के पीछे भी कई बार स्याही से लिखी कहानियाँ छुपी होती हैं — जो नज़र नहीं आतीं, लेकिन महसूस की जा सकती हैं।
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