शराब सेहत और पॉकेट दोनों के लिए दीमक का काम करता है. सेहत का नुकसान तो होता ही है पॉकेट में भी सेंध लग जाती है. साहित्य, सिनेमा, समाज हर जगह आपको इसके जीते-जागते उदाहरण मिल जायेंगे कि शराब कितनी खतरनाक है.
अगर आपने कभी शराब पी या शराब पीते हुए लोगों को देखा होगा तो आपने ये गौर किया होगा कि शराब के नशे में लोग अक्सर होश खो बैठते हैं, उन्हें कोई भी बात याद नहीं रहती और नशे में हंसने या रोने लगते हैं. अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अल्कोहल एब्यूज एंड एल्कोहोलिज्म के एक रिपोर्ट के अनुसार बताया गया है कि लोग नशे में आखिर ऐसा क्यों करते हैं.
शराब पीने के बाद दिमाग में क्या होता है
हाइडेलबर्ग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर हेल्मुट जॉइंत्स अपनी रिपोर्ट में बताते हैं कि शराब में मौजूद इथेनॉल, अल्कोहल का बहुत छोटा अणु है. जोकि शरीर के अंदर घुसते ही आसानी से पानी और खून में घुल जाता है. चूंकि इंसान के शरीर में 70-80 फीसदी पानी है, जिसके कारण शरीर से होते हुए ये आसानी से दिमाग तक पहुंच जाता है.
दिमाग में जाने के बाद उसके बाद वह दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटरों के ऊपर असर डालना शुरू कर देता है. जिसकी वजह से नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और इसके बाद, इंसान के लिए भ्रम की स्थिति पैदा होती है और चीजें याद नहीं रहती और व्यक्ति अजीब तरह से पेश आता है. देखते ही देखते वो अल्कोहल ब्लैकआउट का शिकार हो जाता है.
शराब पीने के बाद होश क्यों खो देते हैं लोग
शराब का सीधा असर दिमाग पे होता है, शराब में मौजूद केमिकल दिमाग पर हावी हो जाते हैं. बहुत ज्यादा शराब पीने के बाद आपका दिमाग अपने आसपास के माहौल को समझने में सक्षम नहीं रहता. सरल भाषा में कहें तो आपके एकाग्र होने की क्षमता शराब पीने की वजह से कमजोर होने लगती है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अल्कोहल एब्यूज एंड एल्कोहोलिज्म के एक्सपेरिमेंट में 1000 लोगों पर रिसर्च की गई जिसमें दो तिहाई लोग शराब पीने के बाद आंशिक तौर पर ब्लैकआउट हो जाते हैं.
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