पीरियड्स एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन जब यह अनियमित हो जाए तो समस्या बन जाती है। कई बार इसके कारण भी पता नहीं होते। ज्यादातर महिलाएं इसे हल्के में लेती हैं और इसका समाधान ढूंढने की कोशिश भी नहीं करतीं। ऐसा करके वो अपनी सेहत से खिलवाड़ करती हैं जिसका खामियाजा उन्हें बाद में मुगतना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि पीरियड्स में देरी होने के क्या कारण हो सकते हैं। साथ ही ये भी बताएंगे कि आप इस समस्या से कैसे बच सकती हैं।
तनाव
हर किसी को टेंशन तो होती ही है। ये बहुत ही आम बात है इसी तरह से महिलाएं भी कभी काम के टेंशन में रहती हैं तो कभी घर-परिवार के। अगर आप भी ज्यादा टेंशन लेती हैं तो ये आदत आज ही छोड़ दीजिए क्योंकि इसका असर शरीर पर कई तरह से पड़ता है। जिसमें पीरियड भी शामिल है। तनाव से GnRH नामक हार्मोन की मात्रा कम हो जाती है, जिसके कारण ओव्यूलेशन या पीरियड्स नहीं होते हैं।
बीमारी
पीरियड्स का एक कारण बीमारी हो सकती है। अचानक से हुए बुखार, सर्दी, खांसी या किसी लंबी बीमारी की वजह से भी पीरियड्स में देरी हो सकती है। ये अचानक ही होता है और एक बार जब आप बीमारी से ठीक हो जाते हैं, तो आपके पीरियड्स फिर से नियमित हो जाते हैं।
शेड्यूल में बदलाव
शेड्यूल बदलना, नाइट शिफ्ट में काम करना, शहर से बाहर आना-जाना या फिर घर में किसी शादी या फंक्शन के चलते कई बार हमारे रूटीन में बदलाव आ जाते हैं। इस कारण से भी पीरियड्स की डेट ऊपर-नीचे हो सकते हैं। लेकिन, एक बार जब शरीर को इस शेड्यूल की आदत हो जाती है तो पीरियड्स भी नियमित हो जाते हैं।
वजन नियंत्रित रखने की कोशिश करें
बढ़े हुए वजन के कारण शरीर को ज्यादा इंसुलिन बनाने की जरूरत पड़ती है, जिसके कारण मासिक धर्म में देरी होती है। वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें, इसके लिए व्यायाम करने के साथ ही ऐसे आहार लें, जिससे वजन कम होने में मदद मिल सके।
थायराइड
आजकल महिलाओं में थायराइड की समस्या बहुत आम हो गई है। ये स्वास्थ्य के लिए बहुत घातक है। गर्दन में स्थित थायरॉयड ग्रंथि, मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। यह शरीर के कई कार्यों में भी भूमिका निभाती है। अगर आपको थायराइड संबंधित कोई समस्या है तो इसका असर पीरियड्स पर भी पड़ता है।
पीरियड्स में देरी का ये है इलाज
फिक्स रूटीन अपनाएं
पीरियड्स में देरी के सभी कारणों को देखते हुए डेली रूटीन को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि कहीं आप ज्यादा स्ट्रेस तो नहीं ले रहीं। नियमित रूप से व्यायाम और प्राणायाम करें और सुबह की सैर पर घूमने जाएं, जिससे शरीर में भरपूर ऑक्सीजन प्रवाहित हो सके और अच्छा खान-पान रखें, जिसमें सभी प्रोटीन और विटामिंस शामिल हों। साथ ही पर्याप्त नींद लें, जिससे स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा।
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