केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को मीडिया के एक वर्ग पर पिनराई विजयन और उनके निजी कर्मचारियों की बैठकों को लेकर ‘‘फर्जी खबरें गढ़ने’’ के प्रयास करने का आरोप लगाते हुए उसकी निंदा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने विजयन के आधिकारिक आवास पर उनके निजी कर्मचारियों के साथ बैठक की मीडिया के एक वर्ग द्वारा खबर प्रसारित किए जाने के बाद कठोर शब्दों में रविवार को एक बयान जारी किया।
खबरों में इस बैठक को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) (कानून-व्यवस्था) एम आर अजितकुमार को लेकर अगले कदम पर संभावित निर्णय से जोड़ा गया था। अजित कुमार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नेताओं के साथ कथित बैठक के लिए विपक्षी कांग्रेस और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमओ के मुताबिक, मुख्यमंत्री का अपने कार्यालय में अपने निजी सचिव और राजनीतिक सचिव सहित अपने निजी कर्मचारियों से दैनिक कार्यों के तहत मिलना आम बात है।
कार्यालय ने बयान में कहा कि राजधानी में स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में हर दिन ऐसा होता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, “किसी निजी कर्मचारी के मुख्यमंत्री आवास पर किसी विशेष बात पर चर्चा करने के लिए पहुंचने के बारे में किसी भी तरह की पुष्टि के बिना खबर गढ़ना मीडिया की नैतिकता या शिष्टाचार को नहीं दर्शाता।”
बयान के मुताबिक, “फर्जी खबरें गढ़ने के ऐसे गैर-जिम्मेदाराना प्रयास इस बात को उजागर करते हैं कि मीडिया की विश्वसनीयता को कम किया जा रहा है।”
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