महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियां शरीर के निचले हिस्से में अहम भूमिका निभाती हैं। ये मांसपेशियां पेट, ब्लैडर और गर्भाशय को सहारा देती हैं। अगर ये कमजोर हो जाएं, तो बच्चेदानी खिसकने (Prolapse), यूरिनरी इनकंटिनेंस और अन्य गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन रोजमर्रा की कुछ आदतें इन मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर कर सकती हैं।
आइए जानते हैं कौन-से 4 काम महिलाओं की पेल्विक हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
1. लगातार भारी वजन उठाना
घर में या जिम में बार-बार भारी वजन उठाना पेल्विक मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव डाल सकता है। लंबे समय तक यह आदत मांसपेशियों को कमजोर कर सकती है और बच्चेदानी के खिसकने का खतरा बढ़ा सकती है।
सुझाव: भारी सामान उठाते समय घुटनों को मोड़कर उठाएं और शरीर की ताकत का संतुलित उपयोग करें।
2. लंबे समय तक बैठना या खड़े रहना
ऑफिस की डेस्क जॉब या लंबा सफर पेल्विक मांसपेशियों पर दबाव डालता है। लंबे समय तक बैठने से ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।
सुझाव: हर 1–2 घंटे में खड़े होकर स्ट्रेचिंग करें और वॉक करें।
3. गलत तरीके से शौच या टॉयलेट का उपयोग
लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठना या जोर लगाकर पेशाब/पाखाना करना पेल्विक मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है।
सुझाव: समय पर टॉयलेट जाएं, जोर न लगाएं और सही पोजिशन अपनाएं।
4. कम सक्रिय जीवनशैली
व्यायाम और चलना-पहना न करना पेल्विक मांसपेशियों को कमजोर बनाता है। लंबे समय तक कमजोर मांसपेशियां ब्लैडर और गर्भाशय की सपोर्ट क्षमता घटा देती हैं।
सुझाव: नियमित योग, वॉक और पेल्विक एक्सरसाइज (Kegel exercises) को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत रखने के टिप्स
- Kegel एक्सरसाइज करें: यह मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है।
- सही खानपान अपनाएं: प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर डाइट लें।
- वजन कंट्रोल रखें: ज्यादा वजन पेल्विक मांसपेशियों पर दबाव डालता है।
- सक्रिय जीवनशैली: रोजाना चलें, योग और स्ट्रेचिंग करें।
महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियां केवल सपोर्ट नहीं करतीं, बल्कि स्वास्थ्य की कुंजी भी हैं। रोजमर्रा की कुछ आदतें इन मांसपेशियों को कमजोर कर सकती हैं, जिससे गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सही आदतें अपनाना, व्यायाम करना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी है।
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