क्या आपने कभी अपने नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद निशान या धब्बे देखे हैं? अगर हां, तो इसे केवल कैल्शियम की कमी मानकर टाल देना बड़ी भूल हो सकती है। ये छोटे-छोटे सफेद निशान—जिन्हें मेडिकल भाषा में “Leukonychia” कहा जाता है—आपके शरीर में हो रही कई अंदरूनी गड़बड़ियों के संकेत हो सकते हैं।
नाखून केवल शरीर की सुंदरता का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यह आपके शरीर के अंदर चल रहे स्वास्थ्य संकेतों को भी दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नाखूनों का रंग, बनावट और उस पर दिखने वाले धब्बे आपके पोषण स्तर, बीमारियों और जीवनशैली की कहानी बयां कर सकते हैं।
सफेद धब्बों के संभावित कारण:
1. माइक्रो इंजरी (छोटी चोटें)
बहुत बार हम बिना महसूस किए ही नाखूनों के नीचे चोट कर बैठते हैं, जिससे सफेद धब्बे बन जाते हैं। ये धब्बे धीरे-धीरे नाखून के बढ़ने के साथ ऊपर की ओर खिसकते हैं।
2. जिंक और कैल्शियम की कमी
भले ही यह कारण बहुत आम समझा जाता हो, लेकिन फिर भी यह सटीक है। शरीर में जिंक या कैल्शियम की कमी होने पर नाखूनों में सफेद धब्बे दिखाई देने लगते हैं।
3. फंगल इंफेक्शन
अगर धब्बे फैलने लगें या नाखून मोटे और कमजोर दिखने लगें तो यह फंगल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर से परामर्श आवश्यक है।
4. एलर्जी या रिएक्शन
नेल पॉलिश, नेल रिमूवर या डिटर्जेंट जैसे रासायनिक उत्पादों से एलर्जी के कारण भी नाखूनों पर सफेद निशान उभर सकते हैं।
5. किडनी या लीवर की समस्या
कुछ मामलों में ये निशान गंभीर बीमारियों जैसे लिवर सिरोसिस या किडनी फेलियर का संकेत भी हो सकते हैं। खासकर जब निशान बड़े हिस्से में फैले हों और नाखून का रंग भी बदल गया हो।
कब दिखाएं डॉक्टर को?
जब सफेद धब्बे बार-बार आ रहे हों
नाखूनों में दरारें या पीलापन दिखे
नाखून कमजोर और मुड़ने लगे
शरीर में लगातार थकान या अन्य लक्षण महसूस हों
सावधानी और समाधान:
संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन B12, जिंक, कैल्शियम और प्रोटीन हो।
हाथों को अत्यधिक केमिकल्स से बचाएं, ग्लव्स पहनें।
फंगल इंफेक्शन का समय रहते इलाज कराएं।
हाइजीन का विशेष ध्यान रखें।
नेल प्रोडक्ट्स का सीमित और सुरक्षित उपयोग करें।
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