किडनी हमारे शरीर से अपशिष्ट और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का मुख्य अंग है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती या इसमें समस्या होती है, तो शरीर में क्रिएटिनिन (Creatinine) का लेवल बढ़ सकता है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत है।
क्रिएटिनिन बढ़ने के सामान्य लक्षण
- पूरे शरीर में खुजली और स्किन रैश – टॉक्सिन्स जमा होने से त्वचा पर असर पड़ता है।
- पेशाब में जलन या बदलाव – पेशाब का रंग बदलना, झागदार होना या बार-बार पेशाब आना।
- थकान और कमजोरी – शरीर में टॉक्सिन्स के बढ़ने से ऊर्जा की कमी।
- सिरदर्द और चक्कर – किडनी की खराबी मस्तिष्क पर भी प्रभाव डाल सकती है।
- मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द – इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और शरीर में टॉक्सिन्स के कारण।
क्या करें
- ब्लड और यूरिन टेस्ट करवाएँ, खासकर क्रिएटिनिन और ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (GFR) की जांच।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार डाइट और दवा का सेवन करें।
- पर्याप्त पानी पिएँ ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।
- सोडियम, प्रोटीन और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित रखें।
अगर पूरे शरीर में खुजली और पेशाब में जलन महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह किडनी में बढ़े क्रिएटिनिन का संकेत हो सकता है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।
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