गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी – केजरीवाल का भावुक संदेश

गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बेहद भावुक संदेश दिया। कनॉट प्लेस स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में मत्था टेकने के बाद उन्होंने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी ने सिर्फ सिख धर्म की नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान की आस्था और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सिर कटवाया। यह बलिदान बताता है कि जब-जब अन्याय बढ़ेगा, तब-तब कोई न कोई गुरु साहिब खड़े होंगे। हमारी जिम्मेदारी है कि इस कहानी को हर बच्चे तक, हर नई पीढ़ी तक पहुंचाएं – ताकि वे जानें कि आज हम जो सिर ऊंचा करके जी रहे हैं, उसकी कीमत गुरु साहिब ने अपने खून से चुकाई है।”

केजरीवाल ने गुरुद्वारे में करीब आधे घंटे तक कीर्तन सुना और लंगर में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “आज का दिन हमें याद दिलाता है कि धर्म की रक्षा का मतलब सिर्फ अपने धर्म की नहीं, बल्कि हर उस इंसान की आस्था की रक्षा करना है जो दबाया जा रहा हो। गुरु साहिब ने कश्मीरी पंडितों के लिए अपना बलिदान दिया – यह हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सबका साझा इतिहास है। अगर हम इसे भूल गए तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी।”

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि दिल्ली सरकार अब हर सरकारी स्कूल में गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान पर विशेष अध्याय जोड़ेगी। “हमने फैसला लिया है कि कक्षा 6 से 10 तक के पाठ्यक्रम में ‘हिंद दी चादर’ गुरु तेग बहादुर जी का पूरा अध्याय होगा। बच्चों को सिर्फ तारीखें नहीं, बल्कि वो भावनाएं समझाई जाएंगी कि एक इंसान ने कैसे पूरे देश की अंतरात्मा को बचाया।” इसके अलावा दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में 25 नवंबर को ‘शहीदी दिवस’ के रूप में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें बच्चे गुरु साहिब के जीवन पर नाटक और कविता पाठ करेंगे।

केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “केंद्र की सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान स्थल (दिल्ली का शीश गंज गुरुद्वारा) आज भी उसी हाल में है। हमने कई बार प्रस्ताव भेजा कि इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दो, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब दिल्ली सरकार खुद ही गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ मिलकर वहां म्यूजियम बनाएगी, जहां वर्चुअल रियलिटी के जरिए बच्चे देख सकें कि 1675 में क्या हुआ था।”

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस मौके पर दिल्ली पहुंचे। दोनों नेताओं ने साथ मिलकर गुरुद्वारे में झाड़ू लगाई और लंगर छका। मान ने कहा, “पंजाब और दिल्ली मिलकर गुरु साहिब की शिक्षाओं को हर घर तक पहुंचाएंगे। हमने पंजाब में हर जिले में ‘शहीदी स्मारक’ बनाने का फैसला लिया है।”
शहीदी दिवस पर सोशल मीडिया पर भी केजरीवाल का संदेश वायरल हो रहा है। #HindDiChadar ट्रेंड कर रहा है, जहां लाखों यूजर्स गुरु साहिब को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “आजादी के 75 साल बाद भी कोई नेता इतनी गहराई से गुरु साहिब को याद करे, ये गर्व की बात है।” वहीं, कई लोगों ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया, लेकिन ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं।

केजरीवाल ने अंत में कहा, “गुरु तेग बहादुर जी ने सिखाया कि डर के आगे जीत है। आज जब देश में डर का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, तब हमें गुरु साहिब को और गहराई से याद करना होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है – नई पीढ़ी को बताना कि हमारा हिंदुस्तान सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि बलिदान की वो धरती है जिसे गुरु साहिब ने अपने खून से सींचा।”

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