25 अगस्त 2025 को नासेर मेडिकल परिसर (नासेर अस्पताल) पर इसराइली हवाई हमला हुआ, जिसमें कम से कम 20 लोग मारे गए—जिसमें पांच पत्रकार भी शामिल हैं। इस घटना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक निंदा मिली और प्रेस की स्वतंत्रता, मानवतावाद और युद्ध कानूनों पर गहरी चिंताएं जगी हैं।
पत्रकारों की शहादत: कौन थे वे पाँच?
स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मीडिया स्रोतों के अनुसार, जिन पत्रकारों की मौत इस हमले में हुई, वे हैं:
हुस्सम अल-मसरी – रॉयटर्स (Reuters) के लिए काम करने वाले फोटोग्राफर। शूटिंग कर रहे थे जब हमले ने उन्हें घेरा।
मोहम्मद सलामा – अल-जज़ीरा (Al Jazeera) के फोटोग्राफर। घायल होकर अस्पताल में थे।
मिरियम अबू दक्का – एक स्वतंत्र पत्रकार, जिन्होंने द एसोसिएटेड प्रेस (AP) और इंडिपेंडेंट अरबिया जैसे माध्यमों में काम किया।
मोअज़ अबू तहाँ – स्वतंत्र पत्रकार, जिन्होंने समय-समय पर रॉयटर्स के लिए कार्य किया।
अहमद अबू अज़ीज़ – मिडिल ईस्ट आई और क़ुद्स फीड नेटवर्क के लिए काम करने वाले स्वतंत्र पत्रकार।
इन पत्रकारों की शहादत के साथ समूचे क्षेत्र में गहरे सदमे, आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई।
वैश्विक प्रतिक्रिया और कड़ी निंदा
इस हमले की विशाल मात्रा में आलोचना हुई—संयुक्त राष्ट्र, पत्रकार अधिकार संगठन (CPJ), अधिकारियों और सरकारों ने इस घटना को निर्दोष नागरिकों और मीडिया कर्मियों पर हमला मानकर निंदनीय बताया।
सीपीजे (Committee to Protect Journalists) ने कहा कि पत्रकारों को लक्षित करना प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसका जवाब देना चाहिए।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने हमला “अस्वीकार्य” बताया और UN महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
MSF (Médecins Sans Frontières) और Foreign Press Association ने हमले की निंदा करते हुए पत्रकारों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अन्य देशों के नेता, जैसे ब्रिटेन और जर्मनी, ने भी ऐतिहासिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए जांच और न्याय की अपील की।
हमले की स्थिति: डबल-टैप हमले की आशंका
घातक हमले का विवरण चिंताजनक है—पहला हमला अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर हुआ, फिर जब पत्रकार और बचाव कर्मी वहां पहुंचे, तब दूसरा “डबल-टैप” हमला हुआ। यह रणनीति अक्सर बचाव प्रयासों को निशाना बनाने के लिए उपयोग की जाती है।
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