सर्दियों का मौसम आते ही लोगों को त्वचा के अलावा नाक के ड्राई होने की समस्या भी परेशान करने लगती है। ठंडी और शुष्क हवाएँ, घरों में हीटर का उपयोग और वातावरण में नमी की कमी—ये सभी कारण नाक के भीतर की परत को सूखा बना देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नाक का सूखना केवल असुविधा ही नहीं, बल्कि कई बार संक्रमण, जलन और नकसीर जैसी समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर सर्दियों में नाक की नमी बनाए रखने को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
क्यों सूख जाती है नाक?
सर्दियों में वातावरण का तापमान गिरते ही हवा का नमी स्तर काफी कम हो जाता है। शरीर की नाक अंदरूनी हिस्से में पतली म्यूकस लेयर के माध्यम से नमी बनाए रखती है, लेकिन जब हवा अत्यधिक शुष्क हो, तो यह म्यूकस तेजी से सूख जाता है। परिणामस्वरूप नाक में खिंचाव, खुजली और जलन की अनुभूति होने लगती है।
इसके अलावा, कई लोग ठंड से बचने के लिए कमरे में हीटर या ब्लोअर का उपयोग करते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन उपकरणों से कमरे की नमी और कम हो जाती है, जिससे नाक की सूखापन और बढ़ जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार नाक को ड्राई होने से कैसे बचाएं?
1. नाक में सेलाइन स्प्रे का उपयोग
डॉक्टर नाक को मॉइस्चराइज रखने के लिए सादे सेलाइन स्प्रे या ड्रॉप्स को सबसे आसान और सुरक्षित तरीका मानते हैं। यह स्प्रे नाक की परत में नमी बनाए रखता है और सूखेपन की समस्या को काफी हद तक कम करता है।
2. कमरे में ह्यूमिडिफायर का प्रयोग
सर्दियों में हवा का सूखापन नाक के लिए सबसे बड़ा कारण होता है। ऐसे में कमरे में ह्यूमिडिफायर लगाने से वातावरण में नमी बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका विशेष रूप से रात के समय बेहद प्रभावी रहता है।
3. पर्याप्त पानी पीना
ठंड के मौसम में प्यास कम लगने के कारण लोग अक्सर कम पानी पीते हैं। इसका सीधा असर शरीर के हाइड्रेशन पर पड़ता है और नाक भी सूखने लगती है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीने से शरीर की नमी का स्तर संतुलित रहता है।
4. नाक में हल्का तेल लगाना
कई डॉक्टर यह सुझाव देते हैं कि नाक की भीतरी सतह पर कुछ बूंदें नारियल तेल या तिल के तेल की बहुत ही हल्के हाथ से लगाई जा सकती हैं। इससे नाक की परत सुरक्षित रहती है और सूखापन कम होता है। हालांकि, किसी भी तेल का उपयोग करने से पहले मात्रा और तरीके का ध्यान रखना आवश्यक है।
5. हीटर का कम उपयोग और वेंटिलेशन का ध्यान
यदि कमरे में हीटर का उपयोग आवश्यक है, तो उसके साथ पानी की कटोरी रख देकर नमी बढ़ाई जा सकती है। कमरे में समय-समय पर ताजी हवा का प्रवाह भी जरूरी है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर नाक में सूखापन लगातार बना रहे, क्रस्टिंग होने लगे, बार-बार नकसीर आए या सांस लेने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। विशेषज्ञ कहते हैं कि लंबे समय तक नाक की सूखापन अनदेखा करना संक्रमण का कारण बन सकता है।
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