ब्रेन स्ट्रोक या “स्ट्रोक” तब होता है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है, जिससे दिमाग के कुछ हिस्से पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पा पाते। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है और समय रहते पहचान व इलाज न होने पर स्थायी नर्व या मांसपेशियों की समस्या पैदा कर सकती है।
ब्रेन स्ट्रोक के सामान्य कारण
- हाई ब्लड प्रेशर
- डायबिटीज
- हार्ट डिजीज और ब्लड क्लॉट
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- फैट्टी और अनहेल्दी डाइट
- अधिक तनाव और नींद की कमी
ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
यदि ये संकेत अचानक दिखें, तो तुरंत ध्यान दें:
- चेहरे या शरीर का एक तरफ सुन्न पड़ना
- चेहरा झुकना या मुस्कान असमान लगना
- बोलने में दिक्कत
- शब्दों का सही उच्चारण न हो, हकलाना या समझने में परेशानी
- एक या दोनों हाथ-पैर में कमजोरी या झनझनाहट
- तेज सिर दर्द या चक्कर आना
- दृष्टि में बदलाव
- अचानक धुंधला दिखाई देना या दोहरी दृष्टि
- अचानक संतुलन बिगड़ना
- चलने या खड़े होने में अस्थिरता
ब्रेन स्ट्रोक का तुरंत बचाव
यदि किसी को ऊपर बताए गए लक्षण दिखें, तो फौरन 112/108 कॉल करें या नज़दीकी अस्पताल पहुँचें।
- समय पर इलाज होने से स्थायी नुकसान कम होता है
- ब्लड क्लॉट या ब्लीडिंग के मामले में तुरंत इलाज जीवन बचा सकता है
स्ट्रोक से बचने के आसान उपाय
- ब्लड प्रेशर और शुगर नियमित चेक करें
- संतुलित आहार लें
- हरी सब्जियां, फल, ओमेगा-3 फिश, नट्स
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ
- नियमित एक्सरसाइज और योग अपनाएँ
- वॉक, स्ट्रेचिंग और प्राणायाम दिमाग और दिल दोनों के लिए फायदेमंद
- तनाव कम करें और नींद पूरी लें
- डॉक्टर की सलाह से दवाइयों का नियमित सेवन करें
F.A.S.T. नियम — स्ट्रोक जल्दी पहचानने का तरीका
- F (Face): चेहरे की मांसपेशियों में असमानता
- A (Arms): हाथ उठाने में कमजोरी
- S (Speech): बोलने में दिक्कत
- T (Time): तुरंत डॉक्टर को कॉल करें
ब्रेन स्ट्रोक अचानक और जानलेवा हो सकता है, लेकिन शुरुआती संकेतों को पहचानकर और समय पर कदम उठाकर इसे रोका जा सकता है। अपने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें, और स्ट्रोक से बचने के लिए हेल्दी आदतें अपनाएँ। याद रखें — समय रहते चेतावनी पहचानना ही सबसे बड़ा बचाव है।
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