यूरिक एसिड एक ऐसा पदार्थ है जो शरीर में प्यूरीन के टूटने से बनता है। जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह जोड़ों में सूजन, दर्द और लालिमा का कारण बन सकता है। इसे हम आम भाषा में गाउट (Gout) भी कहते हैं। कई बार लोग अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल कर लेते हैं जो यूरिक एसिड को और बढ़ा देते हैं। खासकर कुछ दालों का सेवन जोड़ों की समस्या को बढ़ा सकता है।
यूरिक एसिड बढ़ाने वाली दालें
- चना दाल और राजमा
इन दालों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, जो यूरिक एसिड बढ़ाने में योगदान देती है। - मूंग दाल और मसूर दाल
अक्सर ये हल्की और हेल्दी मानी जाती हैं, लेकिन यूरिक एसिड के मरीजों के लिए सावधानी जरूरी है। - सोयाबीन और उससे बने प्रोडक्ट्स
सोया प्रोटीन यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है, इसलिए जिन लोगों को गाउट की समस्या है उन्हें इसका सेवन सीमित करना चाहिए।
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण
- जोड़ों में अचानक तेज दर्द और सूजन
- पैरों, घुटनों या हाथों के जोड़ों में लालिमा और गर्मी
- सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न
- हल्की थकान और कमजोरी
बचाव और उपाय
- उचित दालों का चयन करें
यूरिक एसिड बढ़ाने वाली दालों की जगह मूँग और टॉर डल जैसी कम प्यूरीन वाली दालें लें। - पानी का पर्याप्त सेवन
दिनभर 8–10 गिलास पानी पीने से यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकलता है। - सब्जियों और फलों को बढ़ावा दें
प्यूरीन कम और विटामिन, मिनरल से भरपूर सब्ज़ियां और फल शामिल करें। - नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण
हल्की एक्सरसाइज से जोड़ों पर दबाव कम होता है और यूरिक एसिड कंट्रोल में रहता है। - मेडिकल चेकअप
अगर दर्द लगातार है या सूजन बढ़ रही है तो डॉक्टर से सलाह लें और ब्लड टेस्ट करवाएँ।
यदि यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है और जोड़ों में दर्द महसूस हो रहा है, तो प्यूरीन युक्त दालों का सेवन तुरंत बंद करना आवश्यक है। सही डाइट और जीवनशैली अपनाकर आप दर्द और सूजन से राहत पा सकते हैं।
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