आजकल यूरिक एसिड की समस्या बहुत आम हो गई है। जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है, तो यह जोड़ों में जमा होकर दर्द, सूजन और चटकन पैदा करता है। यह स्थिति आगे चलकर गठिया (Gout) का रूप भी ले सकती है। ऐसे में खान-पान पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है, खासकर दालों और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों पर।
यूरिक एसिड बढ़ने पर क्यों ज़रूरी है परहेज़?
जब शरीर में प्यूरीन (Purine) का स्तर बढ़ता है तो यूरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ जाती है। दालों और कुछ लेग्यूम्स (Legumes) में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। इनका ज्यादा सेवन यूरिक एसिड लेवल को और बढ़ा देता है।
किन दालों से करें परहेज़?
- मसूर दाल: इसमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, जिससे यूरिक एसिड लेवल बढ़ सकता है।
- चना दाल और राजमा: ये शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।
- मटर और उड़द दाल: जोड़ों में सूजन और दर्द बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं।
क्या खा सकते हैं?
- मूंग दाल: इसमें प्यूरीन की मात्रा कम होती है और यह आसानी से पचने वाली होती है।
- अरहर (तूर) दाल: सीमित मात्रा में ली जा सकती है।
- लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, हरी सब्जियाँ और फल यूरिक एसिड कंट्रोल में मदद करते हैं।
अन्य ज़रूरी टिप्स
- दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- तली-भुनी और मसालेदार चीज़ों से बचें।
- अल्कोहल और रेड मीट से दूरी बनाएं।
- नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज़ करें।
हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है। इसलिए डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह ज़रूर लें।
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