हम में से अधिकांश लोग सोचते हैं कि ब्रेन ट्यूमर सिर्फ दिमाग पर असर डालता है, लेकिन ऐसा नहीं है। दिमाग पूरी बॉडी को नियंत्रित करता है, और जब ब्रेन में कोई गड़बड़ी होती है, तो इसका असर पूरी बॉडी पर पड़ता है, खासकर आंखों पर। कई बार आंखों में कुछ लक्षण ब्रेन ट्यूमर का संकेत दे सकते हैं, जिनसे यह बीमारी पहचानी जा सकती है। आइए जानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी आंखों की समस्याएं कैसे दिखती हैं।
ब्रेन ट्यूमर के कारण आंखों में होने वाली समस्याएं
1. धुंधला या डबल दिखना (Diplopia)
ब्रेन ट्यूमर की वजह से सबसे आम लक्षण धुंधला या डबल विजन होना है। जब ट्यूमर कपाल तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है, जो आंखों के मूवमेंट को नियंत्रित करती हैं, तो इसका असर आंखों की गतिविधियों पर पड़ता है और विजन में समस्या आती है।
2. देखने में परेशानी होना
ब्रेन ट्यूमर के कारण विजन की हानि हो सकती है। ऑप्टिक ग्लियोमा के पास का ट्यूमर ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे एक या दोनों आंखों में देखने में समस्या हो सकती है।
3. आंखों के बाहरी हिस्से में देखने में समस्या (स्कॉटोमा)
ब्रेन ट्यूमर से ब्लाइंड स्पॉट (स्कॉटोमा) हो सकता है, जो पिट्यूटरी ग्लैंड या उसके पास स्थित ट्यूमर के कारण होता है। यह ऑप्टिक चियास्म को संकीर्ण कर सकता है, जिससे बाहरी हिस्से में देखने में परेशानी होती है।
4. झिलमिलाती रोशनी या हैलुसिनेशन
टेम्पोरल या ओसीसीपिटल लोब में ब्रेन ट्यूमर विजुअल डिस्टोर्शन की समस्या पैदा कर सकता है, जैसे झिलमिलाती रोशनी दिखना। कभी-कभी, मरीजों को ऐसी चीजें देखने का अनुभव हो सकता है जो असल में मौजूद नहीं होतीं (हैलुसिनेशन)।
5. आंखों की अनियंत्रित हरकत (Nystagmus)
निस्तागमुस तब होता है जब आंखें अचानक तेज गति से हिलने लगती हैं, जिससे दृष्टि धुंधली हो जाती है। यह लक्षण ब्रेन स्टेम या सेरिबैलम में ट्यूमर की मौजूदगी से जुड़ा हो सकता है।
6. पपिलेडेमा (Papilledema)
पपिलेडेमा तब होता है जब बढ़े हुए इंट्राकोरोनल दबाव के कारण ऑप्टिक डिस्क सूज जाती है। यह लक्षण आंखों की जांच के दौरान देखा जा सकता है और इससे देखने में गड़बड़ी होती है।
यदि आपको इनमें से कोई लक्षण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि ब्रेन ट्यूमर का जल्दी पता चलने पर इलाज में सुधार संभव है।
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