फिल्म देखते वक्त पॉपकॉर्न खाना एक आम आदत है, खासकर जब वह कुछ ही मिनटों में माइक्रोवेव में तैयार हो जाए। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये इंस्टेंट पॉपकॉर्न सेहत के लिए सुरक्षित हैं? हाल ही में कुछ डायटीशियनों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जो हर पॉपकॉर्न प्रेमी को जरूर जाननी चाहिए।
डायटीशियन बताती हैं कि “पॉपकॉर्न अगर सादा और सही तरीके से बनाया गया हो, तो यह एक हेल्दी स्नैक हो सकता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैकेट कई बार ऐसे केमिकल्स और एडिटिव्स से भरे होते हैं, जो लंबे समय में सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।”
माइक्रोवेव पॉपकॉर्न में क्या है खतरा?
1. कृत्रिम फ्लेवर और प्रिज़र्वेटिव्स:
इन पॉपकॉर्न में स्वाद बढ़ाने के लिए जो मक्खन फ्लेवर या चीज़ मिलाया जाता है, वह असली नहीं होता। यह डायक्टाइल नामक केमिकल से बना होता है, जो फेफड़ों की बीमारी का कारण बन सकता है।
2. पैकेट की परत में हानिकारक तत्व:
अधिकतर माइक्रोवेव पॉपकॉर्न पैकेट्स में PFOA (Perfluorooctanoic acid) जैसे तत्व पाए गए हैं, जो रिसर्च के मुताबिक कैंसर और हार्मोनल गड़बड़ी से जुड़े हो सकते हैं।
3. अत्यधिक नमक और ट्रांस फैट:
इन पैकेट्स में सोडियम और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है, जो हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी बीमारियों को बढ़ावा देता है।
क्या माइक्रोवेव पॉपकॉर्न को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?
डायटीशियन कहती हैं, “ज़रूरी नहीं कि आप पॉपकॉर्न खाना बंद कर दें। बस यह समझदारी जरूरी है कि आप कैसा पॉपकॉर्न चुन रहे हैं और उसे कैसे बना रहे हैं।”
सेहतमंद विकल्प क्या हैं?
घरेलू पॉपकॉर्न: बाजार से मक्के के दाने खरीदें और उन्हें एक भारी तले वाले बर्तन में थोड़ा-सा तेल डालकर बनाएं। यह पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी रसायन के होता है।
एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न: अगर आपके पास एयर पॉपर मशीन है तो बिना तेल के भी पॉपकॉर्न बनाया जा सकता है।
कम नमक और बिना मक्खन वाले पैकेट चुनें: अगर माइक्रोवेव पॉपकॉर्न ही पसंद है, तो लो-सोडियम और नो-बटर वैरिएंट्स चुनें।
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