क्या शुगर में अनार का जूस पीना सुरक्षित है? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया सही जवाब

मधुमेह यानी शुगर के मरीजों को अपने खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। गलत आहार न केवल रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है, बल्कि इससे गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण हाल ही में लोगों के मन में एक सवाल तेजी से उभरा है—क्या शुगर के मरीज अनार का जूस पी सकते हैं या नहीं? इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी साझा की है।

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अनार एक ऐसा फल है जो एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है। इसमें मौजूद प्यूनिकिक एसिड और पॉलीफेनोल शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, अनार में फाइबर की भी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है और लंबे समय तक पेट भरा रखती है। हालांकि, शुगर के मरीजों के लिए इसका सेवन कुछ शर्तों के साथ ही सुरक्षित माना जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि अनार का पूरा फल शुगर रोगियों के लिए अधिक लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शुगर रिलीज को धीमा कर देता है। वहीं अनार का जूस, जिसमें फाइबर की मात्रा कम होती है, तेजी से रक्त में शर्करा बढ़ा सकता है। इसी वजह से न्यूट्रिशनिस्ट सलाह देते हैं कि यदि मधुमेह के मरीज अनार का जूस पीना चाहते हैं, तो इसकी मात्रा बहुत सीमित होनी चाहिए और जूस को बिना चीनी मिलाए ही सेवन करना चाहिए।

शोधों में यह भी पाया गया है कि अनार में मौजूद प्राकृतिक शुगर शरीर में ग्लूकोज स्पाइक को उतनी तेजी से नहीं बढ़ाती, जितनी अन्य मीठे जूस बढ़ाते हैं। लेकिन यह प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य, इंसुलिन संवेदनशीलता और खान-पान की आदतों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेना आवश्यक है।

न्यूट्रिशनिस्टों का कहना है कि यदि शुगर के मरीज अनार का जूस पीते हैं, तो उसे सुबह या दिन के समय लेना चाहिए, जब शरीर की पाचन क्रिया अधिक सक्रिय होती है। रात के समय जूस पीना शुगर लेवल में अनियंत्रित बढ़ोतरी का कारण बन सकता है। इसके अलावा, दिन में एक छोटा गिलास जूस ही पर्याप्त माना जाता है। अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर में तेजी से वृद्धि हो सकती है।

अनार का जूस हृदय स्वास्थ्य, इम्यूनिटी और त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन मधुमेह के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में और उचित समय पर ही पीना चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि अनार का जूस पीने से पहले और बाद में ब्लड शुगर स्तर की निगरानी करना एक अच्छी आदत है। इससे मरीज यह समझ सकता है कि उसका शरीर जूस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।

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