वेट लॉस के लिए घी बेहतर या तेल? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं

वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में एक सवाल अक्सर उठता है — आख़िर घी और तेल में से क्या बेहतर है?
एक ओर पारंपरिक भारतीय भोजन में घी का इस्तेमाल वर्षों से होता आया है, वहीं दूसरी ओर आज के दौर में कम फैट और रिफाइंड तेलों को हेल्दी बताया जा रहा है। ऐसे में घी और तेल को लेकर भ्रम बना रहना स्वाभाविक है।

हाल ही में हुए पोषण शोधों और विशेषज्ञों की राय से यह स्पष्ट होता जा रहा है कि वज़न घटाने के लिए केवल कम फैट वाली चीज़ें खाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि कौन-सा फैट खाया जा रहा है, कितनी मात्रा में और किस समय।

घी बनाम तेल: पोषण तत्वों की तुलना
घी:

घी को आयुर्वेद में सत्वगुणी आहार माना गया है। यह गाय के दूध से तैयार किया जाता है और इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, ब्यूट्रिक एसिड, और विटामिन A, D, E, K जैसे घुलनशील विटामिन मौजूद होते हैं।

घी शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ आंतों को लुब्रिकेट करता है और पाचन को बेहतर बनाता है। ब्यूट्रिक एसिड शरीर में सूजन को कम करने में सहायक माना जाता है।

तेल (विशेषकर रिफाइंड ऑयल):

रिफाइंड तेलों को बार-बार प्रोसेस किया जाता है जिससे उनकी पोषण क्षमता घट सकती है। इनमें ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो सकती है, जो हृदय और मेटाबॉलिज्म के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि, कच्ची घानी (कोल्ड प्रेस्ड) सरसों, नारियल, तिल या जैतून का तेल तुलनात्मक रूप से बेहतर विकल्प हैं।

वेट लॉस के लिए कौन है बेहतर?
डॉक्टरों की राय:

डाइटीशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट, कहती हैं:
“यदि सीमित मात्रा में सेवन किया जाए, तो देसी घी वज़न घटाने वालों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और क्रेविंग्स को कम करता है। लेकिन ‘घी हेल्दी है’ सोचकर अधिक मात्रा में लेना नुकसानदेह हो सकता है।”

दूसरी ओर, रिफाइंड ऑयल वज़न घटाने के नजरिए से सीमित उपयोग में ही बेहतर है। लेकिन अगर तेल का चयन करना हो, तो कोल्ड-प्रेस्ड या अविशोधित तेलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मात्रा ही है असली ‘किंग’

चाहे आप घी चुनें या तेल — वज़न घटाने की कुंजी “मॉडरेशन” में छिपी है।
एक सामान्य वयस्क के लिए रोज़ाना 2 से 3 चम्मच हेल्दी फैट पर्याप्त माना जाता है। इसमें घी और तेल दोनों का मिला-जुला उपयोग किया जा सकता है।

कौन-सा कब उपयोग करें?

घी: रोटी पर लगाने, दाल में तड़का देने या पकवानों में स्वाद बढ़ाने के लिए

तेल: सब्ज़ी भूनने या पकाने में

सावधानी: दोनों का बार-बार गर्म करना या बार-बार उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है

किन्हें रहना चाहिए सतर्क?

हृदय रोगियों को संतृप्त वसा (Saturated Fat) जैसे घी से परहेज़ करना पड़ सकता है

लिवर या गॉलब्लैडर की समस्या वाले लोगों को कम फैट वाला, हल्का तेल उपयोग करने की सलाह दी जाती है

मोटापा या उच्च कोलेस्ट्रॉल के शिकार लोग घी-तेल का सीमित और संतुलित उपयोग करें

यह भी पढ़ें:

130वें संविधान संशोधन पर सियासी घमासान, बहुमत नहीं फिर भी केंद्र क्यों है आगे